विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सरहद पार सजेगी कलाई: बाढ़ की तबाही पर भारी भाई-बहन का प्यार, नेपाल जाकर राखी बांधेंगी बहनें

Published: Thu, 27 Aug 2026 08:57 PM (IST)

नेपाल में बाढ़ के बावजूद, भारत और नेपाल की बहनें रक्षाबंधन पर भाइयों को राखी बांधने के लिए सीमा पार ...और पढ़ें

बाढ़ की तबाही पर भारी भाई-बहन का प्यार, नेपाल जाकर राखी बांधेंगी बहनें (AI Generated Image)

बाढ़ की तबाही पर भारी भाई-बहन का प्यार, नेपाल जाकर राखी बांधेंगी बहनें (AI Generated Image)

HighLights

  1. भारत-नेपाल की बहनें रक्षाबंधन पर सीमा पार कर सकेंगी।

  2. बाढ़ के बावजूद भाई-बहन का रिश्ता मजबूत रहेगा।

  3. यह दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है।

जागरण संवाददाता, रक्सौल। नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही के बीच रक्षाबंधन का पर्व मनाने के लिए भारत और नेपाल की बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए आ-जा सकेंगी।

भारत-नेपाल की खुली सीमा के कारण हर वर्ष रक्षाबंधन पर सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाली बहनें सरहद पार जाकर अपने भाइयों को राखी बांधती हैं।

पर्सा और बारा जिले के सीमावर्ती गांवों में भारतीय लड़के-लड़कियों के बीच वैवाहिक संबंध भी बने हैं, जिससे रक्षाबंधन पर आना-जाना बढ़ जाता है।

कोरोना महामारी के दौरान दो वर्षों तक सीमा बंद रहने के कारण बहनें अपने भाइयों को राखी नहीं बांध सकी थीं। अब स्थिति सामान्य होने के साथ ही भारत-नेपाल के बीच रिश्ते भी सामान्य हो गए हैं।

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाईयों की कलाई सजने को तैयार हैं। नेपाल में बाढ़ के बाद हेथौड़ा तक लोग सामान्य तरीके से वाहनों का भंसार कराकर जा सकते हैं।

वर्तमान में भारतीय वाहनों के आने-जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। यह परंपरा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आत्मीय संबंधों का प्रतीक है।

यह भी पढ़ें- राखी के रंग, सरहद के संग: रक्षाबंधन को लेकर सज गए बाजार, यहां दिखेगी भारत-नेपाल के रिश्तों की मिठास