यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इधर लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पास, उधर नीतीश कुमार को लगा पहला झटका; सीनियर नेता का JDU से इस्तीफा
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद जदयू में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. मोहम्मद कासिम अंसारी ने विधेयक के समर्थ ...और पढ़ें

HighLights
- वक्फ संशोधन बिल के पारित होने के बाद जदयू में विरोध के स्वर उठे।
- जदयू के वरिष्ठ नेता डॉ. मोहम्मद कासिम अंसारी ने पार्टी से इस्तीफा दिया।
- डॉ. अंसारी ने कहा कि उनका और मुसलमानों का विश्वास नीतीश कुमार पर टूट गया है।
संवाद सहयोगी, सिकरहना। वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) बुधवार की देर रात लोकसभा से पारित होने के साथ ही जदयू में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इस बिल का समर्थन जदयू ने भी किया था। इस बात से नाराज जदयू के वरिष्ठ नेता डॉ. मोहम्मद कासिम अंसारी ने पार्टी के सभी पदों सहित प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की है।
उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भेज दिया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें और भारत के मुसलमानों को विश्वास था कि नीतीश कुमार सेकुलर विचारधारा के ध्वजवाहक हैं, लेकिन अब यह विश्वास टूट गया है।
बता दें कि डॉ. कासिम पूर्वी चंपारण जदयू चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला प्रवक्ता की भूमिका में थे। उन्होंने त्यागपत्र की प्रति प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा एवं जिलाध्यक्ष मंजू देवी को भी भेजी है।

कासिम अंसारी ने त्यागपत्र में क्या लिखा?
हम जैसे लाखों करोड़ों भारतीय मुसलमानों का अटूट विश्वास था कि आप विशुद्ध रूप से सेकुलर विचारधारा के ध्वजवाहक हैं, लेकिन अब यह यकीन टूट गया है। वक्फ बिल संसोधन अधिनियम 2024 के तअलुक से जदयू के स्टैंड से हम जैसे लाखों करोड़ों समर्पित भारतीय मुसलमानों एवं कार्यकर्ताओं को गहरा अघात लगा है।
हम लोग लोकसभा में ललन सिंह ने जिस तेवर और अंदाज से अपना वकतव्य दिया और इस बिल का समर्थन किया उस से काफी मर्माहत हैं। वक्फ बिल हम भारतीय मुसलमानों के विरुद्ध है। हम किसी भी सूरत में इसे स्वीकार नहीं कर सकते। यह बिल संविधान की कई मौलिक अधिकारों का हनन करता है।
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इस बिल के माध्यम से भारतीय मुसलमानों को जलील व रुसवा किया जा रहा है। साथ ही साथ यह बिल पसमांदा विरोधी भी है। जिसका एहसास न आपको है और न आपकी पार्टी को है। मुझे अफसोस हो रहा है कि अपनी जिंदगी के कई वर्ष इस पार्टी को दिए, अतः मै पार्टी के प्राथमिक सदस्य एवं अन्य जिम्मेदारियों से स्वेच्छा से त्यागपत्र दे रहा हूं।