मोतिहारी: पति की हत्या मामले में पत्नी और प्रेमी को आजीवन कारावास, बच्चों को मिलेगा मुआवजा
मोतिहारी में प्रेम-प्रसंग के चलते पति की हत्या के मामले में पत्नी और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने दोनों पर एक-एक लाख र ...और पढ़ें

पति की हत्या मामले में पत्नी और प्रेमी को आजीवन कारावास, बच्चों को मिलेगा मुआवजा (AI Generated Image)
HighLights
पत्नी और प्रेमी को पति की हत्या में उम्रकैद।
दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी।
मृतक के बच्चों को मिलेगा बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना से मुआवजा।
संवाद सहयोगी, मोतिहारी। प्रेम-प्रसंग के चलते पति की हत्या कराने के मामले में अनुसूचित जाति/जनजाति के अनन्य विशेष न्यायाधीश कमलेश चंद्र मिश्रा ने पत्नी और उसके प्रेमी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर उन्हें दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सजा पाने वालों में पलनवा थाना क्षेत्र के जगधर निवासी सुरेश सिंह का पुत्र टुनटुन सिंह तथा भेलाही ओपी क्षेत्र के परशुरामपुर निवासी मृतक बिजली पासवान की पत्नी बबीता देवी शामिल हैं।
अभियोजन के अनुसार, भेलाही ओपी क्षेत्र के परशुरामपुर निवासी बद्री पासवान उर्फ बदरी हजरा ने अपने छोटे भाई बिजली पासवान की हत्या के मामले में पलनवा थाना कांड संख्या 65/2023 दर्ज कराया था।
प्राथमिकी में उन्होंने बताया था कि 2 अप्रैल 2023 की रात वह घर के बाहर सोए हुए थे। करीब 12 बजे उन्होंने अपने भाई बिजली पासवान को उसकी पत्नी बबीता देवी और उसके प्रेमी टुनटुन सिंह का पीछा करते देखा।
पूछने पर बिजली पासवान ने बताया था कि उसकी पत्नी अपने प्रेमी के साथ उसका सामान लेकर भाग रही है। प्राथमिकी के अनुसार, कुछ देर बाद बबीता देवी घर लौटी, थोड़ी देर रोई और उसी रात अपने मायके चली गई। अगले दिन सुबह घर से कुछ दूरी पर बिजली पासवान का शव बरामद हुआ।
उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे और घटनास्थल पर काफी मात्रा में खून फैला हुआ था। जांच के दौरान पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चापाकल का हैंडल बबीता देवी के घर से मिट्टी में छिपाकर रखा हुआ बरामद किया।
घटना के बाद दोनों आरोपी नेपाल फरार हो गए थे, लेकिन गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने 16 अप्रैल 2023 को सौनहा बाजार से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। वाद संख्या 66/2023 के विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक रवि प्रकाश ने अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
खबरें और भी
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने बबीता देवी और टुनटुन सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 एवं 120-बी के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अभियुक्तों द्वारा कारागार में बिताई गई अवधि का समायोजन सजा की अवधि में किया जाएगा।
मृतक के बच्चों को मिलेगा प्रतिकर
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मृतक के 14 वर्षीय पुत्र रोशन कुमार एवं पुत्री सुमन कुमारी 12 वर्ष को वास्तविक पीड़ित घोषित किया।
न्यायाधीश ने बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत दोनों बच्चों को मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पूर्वी चंपारण को निर्देश दिया। साथ ही आदेश की प्रति जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति को भेजने का भी निर्देश दिया।