यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar PFI Case: रियाज की गिरफ्तारी के बाद मोतिहारी व मुजफ्फरपुर में NIA की छापेमारी, कई ठिकानों को खंगाला
पीएफाई मामले में रेयाज मारूफ की गिरफ्तारी के बाद एनआइए की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर मुजफ्फरपुर और मोतीहारी में छापेमारी की है। जांच एजेंसी संगठन के जु ...और पढ़ें

HighLights
- संगठन से जुड़े सभी संभावित ठिकानों को खंगाल रही खंगाल रही पुलिस
- सफेद कुर्ता-पाजामा में घर से निकला था रियाज, पुलिस ने दबोचा
संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) : रेयाज मारूफ की गिरफ्तारी के बाद एनआईए, एटीएस व जिला पुलिस संयुक्त तौर पर मोतिहारी व मुजफ्फरपुर जिले के कई इलाकों में छापेमारी कर रही है।
बताया गया है कि गिरफ्तारी के बाद रेयाज ने पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है, उसके आधार पर टीम तथ्यों का सत्यापन करने के साथ-साथ संगठन से जुड़े सभी संभावित ठिकानों को खंगाल रही है। हालांकि, देर शाम तक किसी दूसरे के गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।
सफेद कुर्ता पायजामा में निकला था रियाज
बताते हैं कि रेयाज के घर में शनिवार को पारिवारिक उत्सव था। इसके लिए वह सफेद कुर्ता-पाजामा में बाइक पर सवार होकर चकिया बाजार में निकला था। इसी दौरान पुलिस को भनक लगी और शहर में जांच शुरू कर दी गई। इस दौरान उसे सुभाष चौक के पास छापेमारी टीम के एक दारोगा ने पकड़ा और फिर उसकी गिरफ्तारी हो गई।
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जिले में पहली बार चार फरवरी को हुई थी छापेमारी
जिले में सबसे पहले चार फरवरी 2023 को छापेमारी हुई। यह छापेमारी छह फरवरी 2023 तक चली। इस दौरान जिले के मेहसी, मधुबन, चकिया, तुरकौलिया, केसरिया थानाक्षेत्रों के करीब दर्जन भर संदिग्ध ठिकानों को खंगाला गया था।
इस दौरान पकड़े गए कुल सात लोगों से की गई अलग-अलग पूछताछ व जब्त दस्तावेजों से पता चला था कि पीएफआई के कारिंदे जिले के कुछ प्रमुख सामाजिक व राजनीतिक लोगों की हत्या करने की साजिश में लगे थे।
इस बीच एनआईए ने स्थानीय पुलिस के साथ कार्रवाई कर संबंधितों को गिरफ्तार किया तो पता चला कि हत्या के लिए आग्नेयास्त्र की भी आपूर्ति हो चुकी थी। इस दौरान एनआइए ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज व इंटरनेट मीडिया से जुड़े तथ्यों को समेकित किया था।
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पहले इन लोगों की हुई गिरफ्तारी
इसके अतिरिक्त कई डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए थे। उस आधार पर एनआइए कार्रवाई कर रही थी। फरवरी में की गई छापेमारी के बाद एनआईए की टीम 17 मार्च को चकिया पहुंची थी। उस दिन मेहसी के हरपुर निवासी इरशाद आलम की गिरफ्तारी हुई थी।
इसके बाद टीम पांचवीं बार 25 अप्रैल को चकिया के कुअवा पहुंची, जहां दुबई में रह रहे सज्जाद के घर पर छापेमारी की।
19 जुलाई को चकिया के इमादपट्टी निवासी याकूब खान उर्फ सुल्तान उर्फ उस्मान की गिरफ्तारी हुई थी। पांच अगस्त को चकिया के आफिसर कालोनी से मो. शाहिद उर्फ रेजा की गिरफ्तारी की गई थी। इस बीच पुलिस ने शनिवार को रेयाज की गिरफ्तारी की।