सुगौली चीनी मिल में एथेनॉल प्लांट 80% तैयार, 60 हजार किसानों की आर्थिक तस्वीर बदलेगी
पूर्वी चंपारण के सुगौली चीनी मिल में बन रहा एथेनॉल प्लांट 80% तैयार है, जिसका लक्ष्य एक साल में चालू होना है। यह प्लांट छह प्रखंडों के लगभग 60,000 किस ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
सुगौली एथेनॉल प्लांट 80% बनकर तैयार, एक साल में होगा चालू।
60 हजार किसानों को मिलेगा लाभ, आर्थिक स्थिति होगी मजबूत।
मक्का, चावल से सालभर एथेनॉल उत्पादन, रोजगार भी दोगुना होगा।
सत्येंद्र कुमार झा, मोतिहारी। पूर्वी चंपारण के सुगौली के आसपास के छह प्रखंडों के किसानों की किसानी आने वाले समय में बदलने वाली है। सुगौली चीनी मिल में बन रहे एथेनॉल प्लांट यहां के किसानों की समृद्धि में मददगार साबित होगा। यहां बनने वाला प्लांट लगभग 80 प्रतिशत बनकर तैयार है। एक साल के भीतर इसे चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
सुगौली व आसपास के प्रखंडों के करीब 27 हजार किसान गन्ने की खेती करते हैं। अब सुगौली चीनी मिल में अनाज आधारित एथेनाल प्लांट बनने से किसान सालभर मक्का व चावल कंपनी को सीधे बेच सकेंगे। इससे उन्हें उचित मूल्य मिलेगा व उनकी आर्थिकी संवरेगी। प्लांट चालू होने से सुगौली, रामगढ़वा, रक्सौल, बंजरिया, तुरकौलिया व मोतिहारी प्रखंड के करीब 60 हजार किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
अब सालभर होगा एथेनाल का निर्माण
एचपीसीएल बायोफ्यूल कंपनी सुगौली में एथेनाल का निर्माण अभी भी होता है। यहां गन्ना के पेराई सत्र में प्रत्येक साल सौ दिनों तक चीनी के अलावा इथेनाल का उत्पादन होता है। चीनी मिल में प्रतिदिन 60 हजार लीटर एथेनाल बनाया जा रहा है। पूरे साल में 60 लाख लीटर एथेनाल अभी बनाया जा रहा है। अगले साल से गन्ना के अलावा मक्का व चावल से भी एथेनाल बनाया जाएगा।
इस प्रकार एथेनाल का निर्माण पूरे साल होगा। इसका लाभ गन्ना किसानों के अलावा मक्का व चावल उत्पादन करने वाले किसानों को मिलेगा। बताया गया कि प्रबंधन ने तय किया है कि गन्ना से 100 दिन एवं अनाज से दो सौ दिन एथेनाल बनाया जाएगा। बताया गया कि इस मिल में 24 घंटा में 3500 क्विंटल चीनी का उत्पादन हो रहा है। सौ दिनों में 3.5 लाख क्विंटल चीनी बनाया जाता है। इस मिल में किसानों से 40 लाख गन्ना की पेराई हो रही है।
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एक हजार को मिला है सीधा रोजगार
वर्तमान में चीनी मिल में जो एथेनाल बनाया जा रहा है उसमें लगभग 1000 लोगों को सीधे रोजगार प्राप्त हो रहा है। पया प्लांट लगने के बाद इसकी संख्या दोगुनी हो जाएगी। लगभग इतने ही लोग दैनिक मजदूरी भी कर रहे हैं। अनाज आधारित प्लांट लगने के बाद यह संख्या भी दोगुनी हो जाएगी।
चीनी मिल परिसर में मक्का व चावल आधारित एथेनाल प्लांट लगाया जा रहा है। 27-28 में इसका संचालन प्रारंभ होगा। इससे आसपास के किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा। वहीं प्लांट सौ की जगह तीन सौ दिन चलेगा। -संजीव कुमार, गन्ना प्रबंधक, एचपीसीएल बायोफ्यूल, लिमिटेड, सुगौली