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    Gaya Cancer Screening:तीन साल में 68 हजार से ज्यादा जांच, गयाजी में महिलाओं पर मंडरा रहा कैंसर का बड़ा खतरा

    Updated: Fri, 23 Jan 2026 12:08 PM (IST)

    गयाजी जिले में नवंबर 2022 से दिसंबर 2025 तक 68 हजार से अधिक लोगों की कैंसर जांच की गई है। इस अभियान में महिलाओं की संख्या पुरुषों से दोगुनी रही, और उन ...और पढ़ें

    महिलाओं पर मंडरा रहा कैंसर का बड़ा खतरा

    महिलाओं पर मंडरा रहा कैंसर का बड़ा खतरा

    HighLights

    1. तीन वर्षों में 68 हजार से अधिक लोगों की कैंसर जांच।

    2. महिलाओं में स्तन, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर का अधिक जोखिम।

    3. गयाजी में अब कीमोथेरेपी सुविधा उपलब्ध, शुरुआती जांच महत्वपूर्ण।

    सुभाष कुमार, गयाजी। कैंसर का नाम सुनते ही आज भी लोग डर जाते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि डरने से ज्यादा जरूरी है समय पर जांच कराना। गयाजी जिले में पिछले तीन वर्षों से चल रहा कैंसर स्क्रीनिंग अभियान इसी सोच को जमीन पर उतार रहा है। नवंबर 2022 से दिसंबर 2025 तक जिले में कुल 68 हजार 704 लोगों की कैंसर जांच की जा चुकी है। यह अभियान शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

    गांव-गांव पहुंची जांच, बढ़ी पहचान की संभावना

    जेपीएन सदर अस्पताल के गैर संचारी रोग विभाग के सहयोग से टाटा मेमोरियल कैंसर इंस्टीट्यूट और होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र की विशेषज्ञ टीम नियमित रूप से स्क्रीनिंग कर रही है।

    जिले के विभिन्न प्रखंडों में कैंप लगाकर संदिग्ध मरीजों की पहचान की जाती है। जरूरत पड़ने पर बायोप्सी के जरिए बीमारी की पुष्टि भी की जाती है। इस पहल से ऐसे कई मरीज सामने आए हैं, जिन्हें समय रहते इलाज मिल सका।

    पुरुषों से ज्यादा महिलाएं जांच में, खतरा भी अधिक

    स्क्रीनिंग के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। नवंबर 2022 से दिसंबर 2025 तक जांच कराने वालों में 44,691 महिलाएं और 24,013 पुरुष शामिल रहे। यानी महिलाओं की संख्या लगभग दोगुनी रही।

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    यही नहीं, संदिग्ध और पुष्ट कैंसर मामलों में भी महिलाएं आगे रहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं में जागरूकता बढ़ी है, लेकिन जोखिम भी तेजी से सामने आ रहा है।

    किस कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा?

    आंकड़ों के अनुसार पुरुषों में मुख कैंसर के मामले अधिक मिले हैं, जबकि महिलाओं में स्तन कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा (बच्चेदानी के मुंह) का कैंसर तेजी से उभर रहा है।

    अब तक मुख कैंसर के 133 अत्यधिक संदिग्ध मामले सामने आए, जिनमें 39 की पुष्टि हुई। स्तन कैंसर के 82 संदिग्ध मामलों में 38 और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के 141 संदिग्ध मामलों में 9 मरीजों में कैंसर की पुष्टि हुई है।

    अब इलाज भी गयाजी में, बाहर जाने की मजबूरी खत्म

    कैंसर जांच के साथ इलाज की सुविधा भी अब जिले में ही उपलब्ध है। अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ब्लॉक में मई 2023 से कीमोथेरेपी सेवा शुरू की गई। अब तक 420 मरीजों को कीमोथेरेपी दी जा चुकी है।

    16 बेड की डे-केयर यूनिट में डॉक्टर और नर्सों की विशेष टीम तैनात है, जिससे मरीजों को बाहर रेफर करने की जरूरत कम हो रही है।

    2025 में भी तेज रही जांच की रफ्तार

    साल 2025 में ही जिले में 22 हजार लोगों की कैंसर स्क्रीनिंग की गई। इनमें 7,783 पुरुष और 14,217 महिलाएं शामिल रहीं। इसी अवधि में मुख कैंसर के 14, स्तन कैंसर के 9 और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के 4 मामलों की पुष्टि हुई। गुरुआ, गुरारू, टनकुप्पा, वजीरगंज, डोभी, टिकारी और मानपुर प्रखंडों में स्क्रीनिंग कैंप लगाए गए।

    डरें नहीं, समय पर जांच ही सबसे बड़ा इलाज

    होमी भाभा कैंसर अस्पताल की टीम में शामिल डा. लवली, डा. श्वेता और डा. दीपशिखा लगातार लोगों को जागरूक कर रही हैं। जेपीएन सदर अस्पताल के जिला तकनीकी पदाधिकारी डा. दीपशिखा मिश्रा का कहना है कि कैंसर से डरने की नहीं, बल्कि समय पर जांच कराने की जरूरत है। शुरुआती पहचान से इलाज आसान, सस्ता और प्रभावी हो जाता है।