गया में स्टेशन परिसर से हटाया गया वामपंथी नेता का स्मारक; अमृत भारत योजना के तहत कार्रवाई
गुरारु रेलवे स्टेशन परिसर से सीपीआई(एम) नेता सुखेंद्र प्रसाद यादव का 1995 में बना स्मारक हटा दिया गया है। यह कार्रवाई अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पु ...और पढ़ें

स्टेशन परिसर में हटाया जा रहा स्मारक। जागरण
HighLights
गुरारु स्टेशन से सीपीआई(एम) नेता का स्मारक हटाया गया।
अमृत भारत स्टेशन योजना के पुनर्विकास कार्य में बाधा थी।
स्थानीय नेताओं ने स्मारक दोबारा बनाने की मांग की।
संवाद सूत्र, गुरारु (गया)। गुरारु रेलवे स्टेशन परिसर में वर्ष 1995 में निर्मित सीपीआई(एम) की बिहार इकाई के तत्कालीन राज्य सचिव एवं पूर्व प्रधानाध्यापक सुखेंद्र प्रसाद यादव का स्मारक शुक्रवार को हटा दिया।
यह कार्रवाई अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत गुरारु रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य को लेकर की गई। स्मारक के कारण बाधा हो रही थी।
प्लेटफॉर्म पर कर दी गई थी हत्या
बताया जाता है कि 28 फरवरी 1994 को गुरारु रेलवे स्टेशन के अप प्लेटफॉर्म पर गुड़रू गांव निवासी वीरेंद्र सिंह की हत्या कर दी गई थी।
हत्या के बाद उनके पास मौजूद बंदूक भी लूट ली गई थी। उस समय यातायात का मुख्य साधन ट्रेन ही हुआ करती थी।घटना के वक्त गुरारु रेलवे स्टेशन पर आसनसोल-वाराणसी तथा डेहरी-गया पैसेंजर ट्रेन की प्रतीक्षा में भीड़ थी।
वीरेंद्र सिंह की हत्या के बाद स्टेशन परिसर में भगदड़ मच गई थी। गुरारु बाजार बंद हो गया और पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया।
इसी दौरान, परैया थाना क्षेत्र के खैरा गांव स्थित अपने पैतृक घर से गुड़रू होते हुए रेलवे लाइन के रास्ते पैदल गुरारु बाजार आ रहे सुखेंद्र प्रसाद यादव को यहां हुई हत्या की जानकारी नहीं थी।
घटना के बाद पनपा था आक्रोश
वामपंथी नेता होने के कारण वे क्षेत्र में चर्चित थे। सन्नाटे के बीच गुरारु रेलवे स्टेशन के समीप उनकी भी हत्या कर दी गई। बताया जाता है कि उस समय गुरारु थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी घटनास्थल के समीप ही मौजूद थे।
प्रशासन द्वारा स्मारक तोड़े जाने के बाद वरोरह पंचायत के पूर्व मुखिया एवं स्मारक समिति के कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध यादव, परैया के प्रखंड प्रमुख जितेंद्र नारायण यादव आदि ने गुरारु थाना पहुंचकर प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
नेताओं ने रेल परिसर में ही उचित स्थान पर दोबारा स्मारक निर्माण कराने की मांग की।