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गयाजी पितृपक्ष मेला: 58 स्कूलों में रुकेंगे देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्री, मदद के लिए मुस्तैद रहेंगे शिक्षक

Published: Mon, 07 Sep 2026 05:28 PM (IST)

मोक्षनगरी गयाजी में पितृपक्ष मेला के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं, जहां देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों के ठहरने ...और पढ़ें

गयाजी पितृपक्ष मेला: तीर्थयात्रियों के लिए 58 विद्यालयों में ठहरने की व्यवस्था, तैयारियां जोरों पर

गयाजी पितृपक्ष मेला: तीर्थयात्रियों के लिए 58 विद्यालयों में ठहरने की व्यवस्था, तैयारियां जोरों पर

HighLights

  1. पितृपक्ष मेला के लिए 58 विद्यालयों में आवासन व्यवस्था।

  2. पेयजल, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान।

  3. तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए शिक्षकों की ड्यूटी।

जागरण संवाददाता, गयाजी। मोक्षनगरी गयाजी में पितृपक्ष मेला की शुरुआत अब एक पखवाड़े बाद होने वाली है। देश-विदेश से आने वाले हजारों तीर्थयात्री यहां अपने पूर्वजों की मोक्ष प्राप्ति के लिए पिंडदान और तर्पण करेंगे।

तीर्थयात्रियों के ठहरने के लिए गत वर्ष की तरह इस बार भी नगर निगम क्षेत्र के 58 विद्यालयों को आवासन केंद्र बनाया जाएगा। मेला शुरू होने से पहले इन विद्यालयों में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी तेज कर दी गई है।

शिक्षा विभाग के अधिकारी आवासन वाले विद्यालयों का लगातार जायजा ले रहे हैं। विद्यालयों की भौतिक स्थिति से लेकर पेयजल, बिजली, शौचालय, साफ-सफाई और कमरों की स्थिति देखी जा रही है।

निरीक्षण के दौरान जहां भी कमी मिल रही है, उसे समय रहते दूर कराने का निर्देश दिया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से आने वाले तीर्थयात्रियों को विद्यालयों में ठहरने के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हो।

पेयजल, बिजली और स्वच्छता पर विशेष ध्यान

नगर निगम के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्र में स्थित आवासन वाले विद्यालयों में शुद्ध पेयजल, बिजली और शौचालय की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। विद्यालय परिसर के साथ-साथ सभी कमरों की साफ-सफाई की स्थिति भी देखी जा रही है।

इसके अलावा विद्यालय की रंगाई-पोताई का भी निरीक्षण किया जा रहा है। जिन विद्यालयों में रंगाई-पोताई की आवश्यकता महसूस हो रही है, वहां इसे मेला शुरू होने से पहले पूरा कराने की बात अधिकारियों ने कही है।

आवासन वाले विद्यालयों में कमरों की स्थिति, बिजली की उपलब्धता, पानी की व्यवस्था और शौचालयों की साफ-सफाई पर विशेष नजर रखी जा रही है। विभाग की कोशिश है कि तीर्थयात्रियों के पहुंचने से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएं।

विद्यालयों से मांगी गई शिक्षकों की सूची

आवासन केंद्रों पर तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से सभी 58 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को पत्र भेजकर शिक्षकों की सूची मांगी गई है।

सूची में शिक्षक का नाम, विद्यालय का नाम, पदनाम, सेवानिवृत्ति की तिथि और मोबाइल नंबर की जानकारी मांगी गई है। प्राप्त सूची के आधार पर आवासन वाले विद्यालयों में शिक्षकों की ड्यूटी समय-सारणी के अनुसार लगाई जाएगी।

शिक्षक आवासन केंद्रों पर उपलब्ध रहकर तीर्थयात्रियों की सहायता करेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान कराने में सहयोग करेंगे। इससे बाहर से आने वाले यात्रियों को विद्यालय में ठहरने, सुविधाओं की जानकारी लेने और किसी तरह की जरूरत पड़ने पर सहायता मिल सकेगी।

मेला शुरू होने से पहले पूरी होगी तैयारी

पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से शुरू होगा। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने सभी तैयारियां समय पर पूरा करने की कवायद शुरू कर दी है।

अधिकारियों का कहना है कि मेला शुरू होने से पहले आवासन वाले सभी विद्यालयों को बेहतर स्थिति में तैयार कर लिया जाएगा। विद्यालयों में साफ-सफाई से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

नगर निगम क्षेत्र के 58 विद्यालयों में तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था रहेगी। यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए सभी विद्यालयों का जायजा लिया जा रहा है। जहां जो कमी मिल रही है, उसे मेला शुरू होने से पहले पूरा कराया जा रहा है। - सुमित कुमार सौरभ , स्थापना, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी