गया-कोडरमा रेलखंड पर बड़ा हादसा टला; राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर बाइक के उड़ गए परखच्चे
गया-कोडरमा रेलखंड पर नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस से एक बाइक टकरा गई, जिससे बड़ा रेल हादसा टल गया। बाइक चालक ट्रेन को आता देख भाग निकला, जबकि बा ...और पढ़ें

इसी स्थान पर हुई घटना। सौ-रेल पुलिस
पंचायत सूत्र, फतेहपुर (गया)। गया-कोडरमा रेलखंड पर बुधवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा टल गया। नई दिल्ली से कोलकाता जा रही 12302 नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस से एक बाइक टकरा गई।
ट्रेन की रफ्तार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटा थी। गनीमत रही कि बाइक चालक ट्रेन को आता देख बाइक छोड़कर भाग निकला, जिससे उसकी जान बच गई।
वहीं, बाइक ट्रेन के इंजन के किनारे फंसकर करीब आधा किलोमीटर तक घिसटती रही और उसके परखच्चे उड़ गए।यह घटना पहाड़पुर-बंशीनाला स्टेशन के बीच तेलबीघा गांव के समीप डाउन लाइन पर 440/28 किलोमीटर के पास सुबह करीब 6:20 बजे हुई।
आधा किलोमीटर तक घिसटती रही बाइक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक चालक खुले रास्ते से रेलवे लाइन पार कर रहा था। तभी तेज रफ्तार राजधानी एक्सप्रेस वहां पहुंच गई। ट्रेन को नजदीक आता देख चालक बाइक छोड़कर भाग गया।
इसके बाद बाइक इंजन के साइड हिस्से में फंस गई और लगभग आधा किलोमीटर तक घिसटती हुई खैरा गांव के पास पहुंची। तेज रफ्तार के कारण बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके पुर्जे ट्रैक के आसपास बिखर गए।
इंजन के बीच फंसती तो हो सकता था बड़ा हादसा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, राहत की बात यह रही कि बाइक इंजन के बीच वाले हिस्से में नहीं फंसी। यदि ऐसा होता तो तेज रफ्तार ट्रेन का संतुलन बिगड़ सकता था ।
इससे गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। हालांकि, इस घटना में राजधानी एक्सप्रेस को कोई तकनीकी नुकसान नहीं हुआ और ट्रेन निर्धारित गति से आगे रवाना हो गई।
रेल पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद लोको पायलट ने तत्काल कंट्रोल रूम और आगे के स्टेशनों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पहाड़पुर स्टेशन पर तैनात आरपीएफ और रेल पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल से बाइक के क्षतिग्रस्त हिस्से बरामद कर जब्त कर लिए गए।
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बताया जा रहा है कि हादसे के बाद मौका पाकर बाइक चालक बाइक के बचे हुए हिस्से लेकर फरार हो गया। रेल पुलिस बाइक और उसके चालक की पहचान करने में जुटी है।
खुले रास्ते से जान जोखिम में डालकर पार करते हैं रेलवे लाइन
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि तेलबीघा गांव के पास रेलवे ने ट्रैक के किनारे घेराबंदी तो की है, लेकिन कई स्थानों पर खुले रास्ते से लोग बाइक, साइकिल और पैदल रेलवे लाइन पार करते हैं।
इसी रास्ते से आसपास के दर्जनों गांवों के लोग और स्कूली छात्र रोजाना आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यहां अंडरपास नहीं होने के कारण पांच मिनट का रास्ता तय करने के लिए करीब 15 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है।
इसी वजह से लोग जोखिम उठाकर रेलवे लाइन पार करते हैं। उनका कहना है कि यहां पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और वे कई बार गया सांसद, रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) तथा डीआरएम से अंडरपास निर्माण की मांग कर चुके हैं।
आरपीएफ ने कही यह बात
आरपीएफ के उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि घटना सुबह करीब 6:20 बजे की है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बाइक के क्षतिग्रस्त हिस्से बरामद किए गए।
वहीं, आरपीएफ इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। बाइक चालक की पहचान की जा रही है और रेल थाना में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
उन्होंने कहा कि रेलवे लगातार गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों से रेलवे ट्रैक पार नहीं करने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील करता है।