गया में राशन कार्ड पर बड़ी कार्रवाई; 1.98 लाख लाभार्थियों की जांच, गुरुआ में 11 हजार कार्ड कटे
गया जिले में अपात्र राशन कार्डधारियों की पहचान के लिए विशेष अभियान चल रहा है। आयकर दाता, चारपहिया वाहन मालिक या पीएम किसान योजना के लाभार्थी संदिग्ध प ...और पढ़ें

बड़ी संख्या में कटेंगे राशन कार्डधारियों के नाम। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
गया में 1.98 लाख राशन कार्डधारियों की जांच जारी।
गुरुआ प्रखंड में 11 हजार अपात्र लाभार्थियों के नाम कटे।
आयकर दाता, चारपहिया मालिक अपात्र घोषित किए गए।
संवाद सूत्र, गुरुआ (गया)। गया जिले में ऐसे राशन कार्डधारियों को चिह्नित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जो इनकम टैक्स रिटर्न भरते हैं, जिनके पास चारपहिया वाहन है या जो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं।
जिला आपूर्ति कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, भारत सरकार की ओर से भेजी गई सूची में गया जिले के करीब 1 लाख 98 हजार 79 राशन कार्डधारी संदिग्ध पाए गए हैं।
इस बीच गुरुआ प्रखंड में चल रहे सत्यापन अभियान के बाद राशन कार्डधारियों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस कार्रवाई से आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है कि अब पात्रता ही असली पहचान होगी।
प्रखंड खाद आपूर्ति पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि पहले गुरुआ प्रखंड में करीब 30 हजार राशन कार्डधारी थे, लेकिन जांच के बाद लगभग 11 हजार अपात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जिन लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत ऑनलाइन निबंधन कराया था और जिनका KYC अपडेट हुआ, उनके आय व संपत्ति का मिलान अन्य सरकारी योजनाओं के डाटा से किया गया।
जांच में ऐसे कई लोग सामने आए जिनके पास चारपहिया वाहन है या जिनकी वार्षिक आय 25 लाख रुपये तक दर्ज पाई गई।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अपात्र पाए जाने वाले लाभार्थियों का नाम राशन कार्ड से हटाए जाने के बाद वे स्वतः ही प्रधानमंत्री आवास योजना, पूर्व की इंदिरा आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना और अंत्योदय अन्न योजना जैसी योजनाओं के लाभ से भी वंचित हो सकते हैं, यदि वे पात्रता मानकों पर खरे नहीं उतरते।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार एक व्यक्ति एक ही योजना का लाभ पात्रता के आधार पर ले सकता है। जिनके पास चारपहिया वाहन है या आय निर्धारित सीमा से अधिक है, उनका नाम सूची से हटाया जाना अनिवार्य है।
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हालांकि प्रखंड प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी वास्तविक पात्र लाभार्थी का नाम गलती से कट गया हो, तो वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रखंड कार्यालय में आवेदन दें। जांच के बाद पात्र पाए जाने पर नाम पुनः जोड़ा जाएगा।