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50000 में तय हुआ 'डायन नचाने' का सौदा, झारखंड से बुलाई गईं 3 भगतन हिरासत में, गया में 15 लोगों पर FIR दर्ज

Published: Fri, 25 Sep 2026 12:08 AM (IST)

बांकेबाजार के कुंडिल गांव में डायन के नाम पर एक महिला को प्रताड़ित करने और तंत्र-मंत्र कराने के मामले में पुलिस ने 15 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है।

डायन के नाम पर महिला को किया गया था प्रताड़ित। (जागरण)

डायन के नाम पर महिला को किया गया था प्रताड़ित। (जागरण)

HighLights

  1. बांकेबाजार में डायन के नाम पर महिला को प्रताड़ित किया गया।

  2. पुलिस ने 15 नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

  3. झारखंड से आई तीन भगतनों को बॉन्ड भरवाकर छोड़ा गया।

संवाद सूत्र, बांकेबाजार (गया)। जिले के बांकेबाजार प्रखंड के कुंडिल गांव में डायन के नाम पर एक महिला को प्रताड़ित करने और झारखंड से भगतन बुलाकर तंत्र-मंत्र कराने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है।

पुलिस ने इस मामले में 15 नामजद लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं, झारखंड से बुलाई गई तीनों भगतन को बॉन्ड भरवाकर पुलिस ने छोड़ा।

उल्लेखनीय है कि कुंडिल गांव में तीन-चार लोगों की अचानक मौत हो जाने को लेकर गांव के कुछ लोगों ने इसे डायन का प्रकोप बता दिया था।

अंधविश्वास के चलते गांव की एक महिला भगतन को डायन घोषित कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप था कि इन्हीं के जादू-टोने से गांव में मौत हो रही है। इसको लेकर गांव में पंचायत बैठी और डायन नचाने के लिए झारखंड से तीन भगतन को बुलाने का फैसला लिया गया।

ग्रामीणों के अनुसार 50 हजार रुपये में डायन नचाने का सौदा तय हुआ था। बुधवार को झारखंड राज्य के चतरा जिले के पत्थलगडा से तीन तथाकथित भगतन कुंडिल पहुंचीं।

गांव में तंत्र-मंत्र का ड्रामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते सैकड़ों की भीड़ जुट गई। गांव वालों ने कथित एक महिला को डायन बताकर उनके साथ मारपीट और प्रताड़ना शुरू कर दी।

घटना की सूचना मिलने पर बांकेबाजार पुलिस मौके पर पहुंची। भीड़ को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। पुलिस ने पीड़ित महिला को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया। वहीं तीनों भगतन को पुलिस ने अपने हिरासत में ले लिया और थाने ले आया।

पुलिस ने माना अंधविश्वास का मामला

बांकेबाजार थानाध्यक्ष पवन कुमार ने बताया कि यह पूरी तरह अंधविश्वास का मामला है। गांव में कुछ लोगों की बीमारी से मौत हुई थी, जिसे डायन प्रथा से जोड़ दिया गया।

इस मामले में 20 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने गांव में कैंप कर लोगों को अंधविश्वास के प्रति जागरूक किया है।

ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग

इधर, इस घटना के बाद स्थानीय बुद्धिजीवियों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि 21वीं सदी में ऐसी घटनाएं समाज को शर्मसार करती हैं। सामुदायिक भवन में लोगों को जागरूक किया गया। इधर, झारखंड से आई तीनों भगतन को पुलिस द्वारा पांच-पांच लाख रुपये का बांड भरवाकर छोड़ा गया।

पुलिस ने बताया कि पीड़ित महिला के बयान पर कांड दर्ज किया गया है। डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। गांव में दोबारा ऐसी घटना न हो, इसके लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है।

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