विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गया-बोधगया कॉरिडोर बनेगा पर्यटन का गेमचेंजर, 1200 करोड़ से बदलेगी तस्वीर; फल्गु में सालभर पानी से पर्यटन को लगेगा पंख

Published: Tue, 25 Aug 2026 08:05 PM (IST)

बोधगया में संसदीय स्थायी समिति की बैठक में गया-बोधगया कॉरिडोर को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने पर चर्चा हुई। 1200 करोड़ ...और पढ़ें

फल्गु नदी में सालभर स्वच्छ पानी रखने की तैयारी

फल्गु नदी में सालभर स्वच्छ पानी रखने की तैयारी

HighLights

  1. गया-बोधगया कॉरिडोर को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने पर जोर।

  2. परियोजना के लिए 1200 करोड़ रुपये स्वीकृत, डीपीआर जमा।

  3. फल्गु नदी में सालभर स्वच्छ पानी से पर्यटन को बढ़ावा।

संवाद सूत्र, बोधगया(गयाजी)। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बैनर तले मंगलवार को बोधगया के आइटीसी होटल में परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक हुई। संसदीय स्थायी समिति के सभापति संजय कुमार झा की अध्यक्षता में हुई बैठक में समिति के 31 सदस्य, केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा गया जिला प्रशासन के पदाधिकारी शामिल हुए।

करीब दो घंटे चली बैठक में गया-बोधगया को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

गया-बोधगया कॉरिडोर को समेकित रूप से विकसित करने पर जोर

बैठक में गया-बोधगया कॉरिडोर को समेकित रूप से विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। सभापति संजय कुमार झा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से प्रस्तावित परियोजनाओं की रूपरेखा और प्रगति की जानकारी ली।

राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़क परिवहन के समग्र विकास, बिहार की विभिन्न सड़कों के चौड़ीकरण और लंबित योजनाओं को जल्द पूरा करने को लेकर भी चर्चा हुई।

देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने की बनेगी कार्ययोजना

बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने और देश-विदेश से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने पर मंथन हुआ।

इसमें गया और बोधगया को विशेष प्राथमिकता दी गई। गया में विष्णुपद मंदिर में देशभर से श्रद्धालु पिंडदान के लिए पहुंचते हैं, जबकि बोधगया में देश-विदेश से बड़ी संख्या में बौद्ध पर्यटक आते हैं।

फल्गु नदी में सालभर स्वच्छ पानी रखने की तैयारी

संजय कुमार झा ने कहा कि फल्गु नदी पर जल संसाधन विभाग द्वारा बनाए गए रबर डैम के साथ अब नदी में सालभर पानी रखने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गया-बोधगया में बड़ी संख्या में बौद्ध श्रद्धालु और पिंडदानी आते हैं। ऐसे में फल्गु नदी में सालभर स्वच्छ पानी रहना बेहद महत्वपूर्ण है।

स्थायी जल उपलब्धता से बढ़ेगा पर्यटन का आकर्षण

फल्गु में सालभर पानी रहने से गया-बोधगया आने वाले पर्यटकों और पिंडदानियों को बेहतर वातावरण मिल सकेगा। इससे धार्मिक और बौद्ध पर्यटन को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सभापति ने कहा कि इस दिशा में परियोजना जल्द शुरू करने की तैयारी है।

वित्त मंत्री के सामने भी उठा था कॉरिडोर का मुद्दा

संजय कुमार झा ने बताया कि गया-बोधगया कॉरिडोर परियोजना को लेकर दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष बैठक हो चुकी है।

इसमें बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद थे। बैठक में कॉरिडोर के लिए फल्गु नदी में स्थायी रूप से पानी रखने की जरूरत पर चर्चा हुई थी।

1200 करोड़ की स्वीकृति, डीपीआर भी हो चुका है सबमिट

संजय कुमार झा ने कहा कि गया-बोधगया कॉरिडोर पर्यटन के क्षेत्र में बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है। इस परियोजना के लिए 1200 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है और इसका डीपीआर भी सबमिट हो चुका है।

परियोजना के धरातल पर उतरने से क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं और कनेक्टिविटी को नई गति मिलने की उम्मीद है।

संसदीय स्थायी समिति के 31 सदस्यों ने किया अध्ययन

अध्ययन भ्रमण में संसदीय स्थायी समिति के सदस्य सुधा मूर्ति, गोला बाबूराव, मोहम्मद नादिमुल हक, जग्गेश, के. श्रीदेवसिंह झाला, एस. कल्याणसुंदरम, एस. फांगनोन कोन्याक, सुरेंद्र सिंह नागर, इमरान प्रतापगढ़ी, मियां अल्ताफ अहमद, प्रदान बरुआह, आरके चौधरी, अनिल फिरोजिया, तापिर गाओ, विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी, राहुल कस्वां, जून मालियाह, अजय कुमार मंडल, केई प्रकाश, राजीव प्रताप रूडी, डॉ. एमपी अब्दुस्समद समदानी, कुमारी सेलजा, अविमन्यु सेठी, अनुराग शर्मा, सुरेश कुमार शेटकर, तेंगेला उदय श्रीनिवास, देवेश चंद्र ठाकुर, अमरसिंग तिस्सो, मनोज तिवारी एवं केसी वेणुगोपाल शामिल रहे। समिति के सदस्य दो दिनों तक बोधगया में मंथन के बाद राजगीर के लिए रवाना हुए।