गया में ठंड से बचने के लिए कमरे में जलाई अलाव, दम घुटने से नानी-नतिनी की मौत
गया जिले के वजीरगंज में शनिवार देर रात दम घुटने से एक मासूम बच्ची और उसकी नानी की मौत हो गई। बच्ची की मां अचेत हो गई, जिसका इलाज चल रहा है। कमरे में ठ ...और पढ़ें
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रोते-बिलखते परिजन। (जागरण)
HighLights
वजीरगंज में दम घुटने से मासूम और वृद्धा की मौत
कमरे में जलाई गई थी भूसे की आग
इलाज के बाद बच्ची की मां की जान बची
संवाद सूत्र, वजीरगंज(गया)। नगर पंचायत क्षेत्र के दखिनगांव में शनिवार की देर रात एक घर में दम घुटने से चार माह की मासूम बच्ची एवं उसकी पर नानी की मौत हो गई।
जबकि मृत बच्ची की मां भी दम घुटने से अचेत हो गई जिसका एक निजी चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। घटना में पीड़ित रोहित मालाकार ने बताया कि घर के एक कमरे में पत्नी मासूम बेटी एवं मेरी नानी के साथ सोई हुई थी।
ठंढ से बचाव के लिए कमरे में तीन बोरसी में भूसे भरकर आग बनाकर रखा गया था, जिससे धीमी लौ निकलती थी। लेकिन रात में सभी को गहरी नींद में सो जाने के बाद उसमें धुआं निकलने लगा और कमरा का दरवाजा एवं सभी खिड़कियां बन्द थी।
जिसके कारण संभवतः जहरीली गैस बन गई और सभी के दम घुट गए। सुबह जब घर के अन्य लोग जागे और उस कमरे का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो अनहोनी की आशंका हुई। फिर किसी तरह दरवाजा खोला गया तो सभी लोग अचेत पाए गए।
उन्हें आनन-फानन में एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने बच्ची एवं नानी को मृत घोषित कर दिया। पत्नी की जान पूरे दिन काफी प्रयास कर इलाज के बाद बचाई जा सकी।
घटना पर गहरी संवेदना प्रकट करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता सह ग्रामीण संजय सिंह मांगो ने पीड़ित परिवार को सरकार से आपदा प्रबंधन के तहत मुआवजे की मांग की है।
इस संबंध में अंचल अधिकारी प्रकाश कुमार ने बताया कि वरीय अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर घटना को आपदा की श्रेणी में होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।