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    गया में आकार ले रहा 176 करोड़ का हाईटेक MSME ट्रेनिंग सेंटर, मगध के युवाओं की चमकेगी किस्मत!

    Updated: Fri, 03 Jul 2026 04:55 PM (GMT+05:30)

    गया के खिजरसराय में 176 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा एमएसएमई टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग सेंटर मगध क्षेत्र के युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार का प्रमुख के ...और पढ़ें

    गया में आकार ले रहा 176 करोड़ का हाईटेक MSME ट्रेनिंग सेंटर

    गया में आकार ले रहा 176 करोड़ का हाईटेक MSME ट्रेनिंग सेंटर

    HighLights

    1. खिजरसराय में 176 करोड़ का एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर बन रहा।

    2. युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण मिलेगा, रोजगार सृजन होगा।

    3. महिलाओं के लिए सिलाई, कंप्यूटर जैसे विशेष पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे।

    संवाद सूत्र, बोधगया। गया जिले के खिजरसराय में निर्माणाधीन एमएसएमई टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग सेंटर का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। 20 एकड़ भूमि पर करीब 176 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर निर्माण कार्य जारी है।

    अब तक परिसर की बाउंड्री वॉल, मुख्य गेट और गार्ड रूम का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जबकि अन्य भवनों की ड्राइंग और डिजाइन के अनुरूप निर्माण प्रक्रिया लगातार जारी है।

    निर्माण एजेंसी को इस परियोजना को पूरा करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। सेंटर का वास्तुशिल्प (आर्किटेक्चरल) डिजाइन दिल्ली के विशेषज्ञ आर्किटेक्ट्स द्वारा तैयार किया गया है, जो इसे आधुनिक और आकर्षक स्वरूप देगा।

    कुल नौ ब्लॉकों में विकसित होगा अत्याधुनिक परिसर

    एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बहुउद्देशीय प्रशिक्षण संस्थान के रूप में विकसित किया जा रहा है।

    परिसर में एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक, एक्जीक्यूटिव हॉस्टल, कमर्शियल ब्लॉक, कन्वोकेशन हॉल, स्टाफ रेजिडेंसी, गर्ल्स हॉस्टल, डाइनिंग ब्लॉक, बॉयज हॉस्टल, ट्रेनिंग सेंटर, प्रोडक्शन ब्लॉक सहित कई भवन बनाए जाएंगे। सभी भवन दो मंजिला होंगे और आधुनिक प्रशिक्षण आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किए जाएंगे।

    युवाओं को मिलेगा आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण

    परियोजना पूरी होने के बाद यह संस्थान मगध क्षेत्र के युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार सृजन का प्रमुख केंद्र बनेगा। एमएसएमई विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार यहां आठवीं कक्षा से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक के छात्र-छात्राओं को विभिन्न तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जाएंगे।

    संस्थान में डिप्लोमा इन टूल एंड डाई मेकिंग, मेकाट्रॉनिक्स, ऑटोमेशन, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स स्किल्स सहित कई आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रम संचालित होंगे। प्रशिक्षण की अवधि छह माह से एक वर्ष तक निर्धारित की जाएगी, ताकि युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके।

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    महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था

    सेंटर में हेवी इंजीनियरिंग, जनरल इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल टेस्टिंग, प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े अलग-अलग विभाग स्थापित किए जाएंगे। वहीं, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई, कढ़ाई, कंप्यूटर प्रशिक्षण, ब्यूटीशियन एवं अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की व्यवस्था होगी।

    स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक प्रशिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि पूरे मगध क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास की नई नींव साबित होगी। इसके शुरू होने से हजारों युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।