'हमारे फैन भी जाति-धर्म में बंट जाते हैं, शिक्षा से सुधरेगा बिहार', शिक्षक सम्मेलन में बोले प्रशांत किशोर
जन सुराज पार्टी के मुखिया Prashant Kishor ने गया में शिक्षकों से संवाद कर बिहार को ज्ञान की भूमि बनाने ...और पढ़ें
HighLights
प्रशांत किशोर ने गया में शिक्षकों से किया संवाद।
बिहार को ज्ञान की भूमि बनाने पर दिया जोर।
कहा, उनके समर्थक भी जाति-धर्म में बंट जाते हैं।
डिजिटल डेस्क, गया। जन सुराज पार्टी के मुखिया और बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रशांत किशोर ने गुरुवार की शाम हरिदास सेमिनरी विद्यालय के आडिटोरियम में शिक्षकों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जनसुराज की सोच है कि अगर बिहार को फिर से सुधारना है और फिर से देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है, तो उसके लिए जरूरी है कि बिहार को फिर से ज्ञान की भूमि बनाया जाए।
ज्ञान की भूमि से मतलब है कि बिहार में शिक्षा और शिक्षकों को सबसे ऊपर बैठाया जाए, उनका सम्मान हो और उनकी महत्व को समाज समझे।
उन्होंने शिक्षक दिवस के अवसर पर, किशोर ने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक सम्मान, शिक्षक हित, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
फैन भी जाति-धर्म में बंट जाते हैं
उन्होंने यह भी कहा कि "बहुत सारे लोग जो जनसुराज को पसंद करते हैं, हमारे फैन हैं, हमारे साथ फोटो खिंचवाते हैं, वो लोग भी जब वोट देने की बारी आती है, धर्म-जातियों में बंट जाते हैं और सही वोट नहीं देते हैं।"
इस कार्यक्रम में पूर्व विधान परिषद सदस्य संजीव श्याम सिंह, जिलाध्यक्ष रवि रंजन दांगी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। औरंगाबाद से आगमन के दौरान, शेरघाटी में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया।
जीटी रोड किनारे बस स्टैंड के समीप बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और पार्टी के समर्थन में नारेबाजी की।
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