गया के सरकारी स्कूल में चारदीवारी न होने से बढ़ा जलजमाव, गंदे पानी के बीच पढ़ाई करने को मजबूर छात्र
बाराचट्टी के नौकाडीह प्राथमिक विद्यालय में जलजमाव के कारण बच्चों को गंदे पानी से होकर स्कूल आना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।

सरकारी स्कूल में चारदीवारी न होने से बढ़ा जलजमाव
HighLights
नौकाडीह प्राथमिक विद्यालय में जलजमाव से बच्चों को परेशानी।
गंदे पानी के बीच रसोइया बनाती है मध्याह्न भोजन।
चारदीवारी, जलनिकासी, पुलिया न होने से समस्या गंभीर।
संवाद सूत्र, बाराचट्टी (गया)। बाराचट्टी प्रखंड अंतर्गत दिवनिया पंचायत के नौकाडीह स्थित प्राथमिक विद्यालय में जलजमाव के कारण छोटे-छोटे बच्चों को पानी से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। विद्यालय परिसर में जगह-जगह पानी जमा रहने से विद्यार्थियों के साथ-साथ रसोइया को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि जलजमाव और गंदगी के बीच रसोइया को बच्चों के लिए दोपहर का भोजन तैयार करना पड़ रहा है।
प्रधानाध्यापिका शोभा कुमारी ने बताया कि विद्यालय में कुल 74 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिनमें प्रतिदिन करीब 65 बच्चे उपस्थित रहते हैं। बारिश के बाद विद्यालय परिसर में पानी जमा हो जाता है। बच्चों को इसी पानी से होकर विद्यालय के अंदर आना-जाना पड़ता है। छोटे बच्चों के कपड़े और जूते गंदे हो जाते हैं। जलजमाव के कारण विद्यालय परिसर में प्रार्थना कराने में भी परेशानी होती है।
रसोई के आसपास भी गंदगी और पानी जमा
विद्यालय की रसोई के आसपास भी गंदगी और पानी जमा रहने की बात प्रधानाध्यापिका ने बताई। उन्होंने कहा कि रसोइया को जलजमाव के बीच ही बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार करना पड़ता है। रसोईघर के आसपास साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने से भोजन की स्वच्छता को लेकर भी चिंता बनी रहती है। गंदे पानी और मच्छरों के कारण बच्चों के बीमार पड़ने का डर बना रहता है।
विद्यालय में चारदीवारी नहीं होने के कारण भी परेशानी बढ़ गई है। परिसर खुला रहने से विद्यालय की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है। वहीं, विद्यालय तक पहुंचने के रास्ते में पुलिया के अभाव के कारण बारिश के दिनों में आवागमन और मुश्किल हो जाता है।
कई बार लिखित आवेदन संबंधित अधिकारियों को दिया
प्रधानाध्यापिका शोभा कुमारी ने बताया कि विद्यालय की समस्याओं को लेकर कई बार लिखित आवेदन संबंधित अधिकारियों को दिया गया है। इसके बावजूद अब तक चारदीवारी, पुलिया और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
गांव के गोवर्धन यादव कहते हैं कि विद्यालय परिसर में चारदीवारी निर्माण कराने, जलनिकासी की व्यवस्था करने तथा बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए पुलिया का निर्माण कराने कि जरूरत है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे छोटे हैं। ऐसे में पानी से होकर उनका विद्यालय आना किसी को बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छ वातावरण को ध्यान में रखते हुए जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।
