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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर निर्माण की गति में आई तेजी, नेशनल हाईवे-2 से होगा कनेक्ट

    Updated: Tue, 12 Nov 2024 03:36 PM (GMT+05:30)

    डोभी गया जिले में बन रहा है देश का दूसरा औद्योगिक गलियारा। इस प्रोजेक्ट के लिए 1680 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। अधिग्रहित जमीन को उद्योग विभ ...और पढ़ें

    अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर निर्माण की गति में आई तेजी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर निर्माण की गति में आई तेजी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    HighLights

    1. अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कोरिडोर निर्माण में तेजी आई है।
    2. गया जिले में 1680 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है।
    3. जमीन के बदले में जमीन मालिकों को मुआवजा दे दिया गया है।

    नीरज कुमार मिश्र, डोभी। देश का दूसरा कॉरिडोर सूबे के गया जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर दक्षिण दिशा के डोभी प्रखंड के खरांटी पंचायत में बनाया जा रहा है। इसके लिए लगातार अधिकारियों की टीम प्रस्तावित स्थल पर पहुंच रही है। उद्योग विभाग के साथ पी.एच.ई.डी विभाग, बिजली विभाग, पी.डब्ल्यू.डी विभाग, पुल निर्माण विभाग के साथ अन्य कई महत्वपूर्ण विभाग के अधिकारी निरीक्षण करके कार्य योजना बना रहे हैं।

    इस प्रोजेक्ट के लिए पूर्व में 1640 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना था, लेकिन अब इसका रकबा बढ़कर लगभग 1680 एकड़ हो गया है। अधिग्रहण कार्य द्रुत गति से चल रहा है। पहले गजट के प्रकाशन के बाद लगभग 80 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। जमीन के बदले में जमीन मालिकों को मुआवजा दे दिया गया है।

    ग्रामीणों ने लगाया अड़ंगा

    इस प्रोजेक्ट के लिए कई मौजा की जमीन को शामिल किया गया है। जिसमें शामिल लेंबोगढ़ा मौजा के ग्रामीण अपनी जमीन देने के लिए राजी नहीं हैं। प्रशासन लगातार उनसे संपर्क कर रहा है, परंतु जिस मूल्य पर सरकार जमीन का अधिग्रहण कर रही है उस मूल्य पर यहां के ग्रामीण जमीन देने को तैयार नहीं हैं।

    इधर, अधिग्रहित जमीन को उद्योग विभाग को स्थानांतरण किया जा रहा है। इसकी महीने में दो तीन बार जिला प्रशासन के द्वारा लगातार मॉनिटरिंग किया जाती है। यह जगह सरकार ने इसलिए चुनी, क्योंकि अधिग्रहित जमीन के बगल में ग्रीन एरिया वन विभाग ने डेवलप कर रखा है। लाखों हरे-भरे पेड़ खड़े हैं। जिससे प्रोजेक्ट को शुरू करने में मदद मिलेगी।

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    वन विभाग की जमीन पर लगे पेड़। जागरण

    वहीं, इस प्रोजेक्ट में जमीन के लगभग तीस से चालीस प्रतिशत भाग में पौधारोपण करके हरियाली स्थापित करना भी मिशन है। जिससे उद्योग धंधे से निकलने वाला वायु प्रदूषण का प्रभाव आसपास के क्षेत्र में नहीं पड़ सके। इस कोरिडोर को देश का सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-2 से चार सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा। जिसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

    दो सड़क बनाने के लिए सर्वे की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं, अन्य दो सड़कों की शुरू होने जा रही है। सड़क निर्माण के साथ कोठवारा बाजार के पास से बरिया होते हुए सड़क बनाए जाने में कोठवारा बाजार का स्वरूप बदल जाएगा। सभी सड़कें फोरलेन होंगी। भविष्य में इस कोरिडोर को जोड़ने के लिए रेलवे लाइन भी बिछाने की चर्चा अधिकारी संवर्ग में अभी से चलने लगी है।

    बता दें कि निलांजन नदी और बभनदेव गांव के पास धरधरी नदी पर पुल भी बनाया जाएगा। उद्योग विभाग की अधिकारी वंदना प्रेयसी ने विगत दिनों अपने निरीक्षण के दौरान अधिग्रहित जमीन की बाउंड्री वॉल करवाने का भी निर्देश दिया है।

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