यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भगवान श्री हरि विष्णु के विशेष श्रृंगार के साथ ही तीन दिवसीय रंगोत्सव पर्व शुरू
गया भगवान श्री हरि विष्णु के विशेष श्रृंगार के साथ गया शहर में तीन दिवसीय रंगोत्सव का त्योहार होली गुरुवार से शुरू हो गया। शहर के विष्णुपद मंदिर में ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, गया: भगवान श्री हरि विष्णु के विशेष श्रृंगार के साथ गया शहर में तीन दिवसीय रंगोत्सव का त्योहार होली गुरुवार से शुरू हो गया। शहर के विष्णुपद मंदिर में रात में भगवान श्री हरि विष्णु का विशेष श्रृंगार किया गया। जिसमें काफी मात्रा में फूल एवं गुलाल का इस्तेमाल किया गया। विष्णुपद मंदिर के गर्भ गृह में स्थित विष्णु चरण चिन्ह को विशेष तरह से सजाया गया था। जो देखने में काफी सुंदर एवं आकर्षित लग रहा था। चरण चिन्ह को फूल और गुलाल से सजाया गया था। कई तरह के फूलों से भी सजाया गया था। सबसे अधिक बसंती गेंदे का फूल का इस्तेमाल किया गया था। उसकी पंखुड़ियों से काफी आकर्षक तरीके से सजाया गया था। इसके साथ गुलाब गुलदाउदी सहित कई तरह के फूलों की पंखुड़ियों से भगवान श्री विष्णु के गर्भगृह सुंदर दिख रहा था। भगवान श्री विष्णु के विशेष श्रृंगार गयापाल पुरोहितों के द्वारा किया जा रहा था। पूर्णिमा को होता है विशेष श्रृंगार
पूर्णिमा तिथि को फल्गु महाआरती के साथ भगवान श्री हरि विष्णु के विशेष श्रृंगार किया जाता है। विष्णुपद प्रबंधक कारिणी समिति के सदस्य महेश लाल गुप्त ने कहा कि रंगभरी एकादशी से तैयारी प्रारंभ कर दिया जाता है। पूर्णिमा के साथ-साथ होली के अवसर पर भगवान श्री हरि विष्णु का विशेष श्रृंगार किया जाता है। साथ ही होली के अवसर गीत संगीत का भी आयोजन किया गया। विशेष श्रृंगार पर श्रद्धालुओं की भीड़
भगवान श्री हरि विष्णु के विशेष सिगार पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। भीड़ को देखते हुए श्रद्धालु को एक-एक करके गर्भ गृह में प्रवेश करने का अनुमति दिया जा रहा था। श्रद्धालु गर्भ गृह में प्रवेश कर विशेष श्रृंगार को टकटकी लगाकर निहार रहे थे। साथी अपने मोबाइल में विशेष श्रृंगार को कैद कर रहे थे। मंदिर क्षेत्र पूरी तरह से भक्ति में दिख रहा था। फल्गु महाआरती का आयोजन
फल्गु पट स्थित देवघाट पर फल्गु महाआरती का आयोजन किया गया है। महाआरती का आयोजन फल्गु सेवा समिति इलाके चौदह सइया के बैनर तले किया गया। जहां पांच गयापाल पुरोहितों द्वारा फल्गु महाआरती किया। जिससे काफी संख्या में श्रद्धालुओं भाग लिया। महाआरती को लेकर घाट को रंगील लाइट के साथ-साथ फूलों से सजा गया था। जिससे देखने में काफी सुंदर लग रहा था।