गया के वजीरगंज में आवारा कुत्तों का आतंक, 15 दिनों में 378 लोगों को काटा; वैक्सीन की कमी का बढ़ा खतरा
गया के वजीरगंज में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है, जिससे पिछले 15 दिनों में 378 लोग काटे गए हैं। सीएचसी में प्रतिदिन औसतन 25 लोग एंटी-रेबीज वैक्सीन ...और पढ़ें

आवारा कुत्तों का आतंक
HighLights
वजीरगंज में 15 दिनों में 378 लोग कुत्ते के काटने से प्रभावित।
प्रतिदिन औसतन 25 लोग एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवा रहे हैं।
प्रशासनिक निष्क्रियता से वैक्सीन की कमी का खतरा बढ़ा।
संवाद सूत्र, वजीरगंज(गया)। गया जिले के वजीरगंज प्रखंड क्षेत्र के नगर पंचायत सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों से प्रत्येक दिन औसतन पच्चीस लोग ग्रसित हो रहे हैं। वजीरगंज सीएससी में एंटी रेबीज वैक्सीन लगाने की स्थिति का पड़ताल किया गया तो आश्चर्यजनक और भयावह परिणाम देखने को मिला। इस महीने के एक पखवाड़े में 378 लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन दिया गया है।
सीएचसी के फार्मासिस्ट कृष्णकांत कुमार ने बताया कि क्षेत्र में कुत्तों का आतंक कितना बढ़ा हुआ है यह कहा नहीं जा सकता। प्रत्येक दिन दो दर्जन से अधिक लोग यहां टीका लगवाने आ रहे हैं।
23 तारीख को 51 लोगों को कुत्ते ने काटा
मार्च महीने में 23 तारीख को सर्वाधिक 51 लोग कुत्ते के काटने से ग्रसित होकर एंटी रेबीज टिका लेने के लिए अस्पताल पहुंचे थे जिनका पंजीकरण करके सभी को प्रतिरक्षित किया गया। इसके अतिरिक्त 11 मार्च को 20, 12 मार्च को 20, 13 को 23, 14 को 32, 15 को 32, 16 को 35, 17 को 35, 18 को 20, 19 को 20,एवं 20मार्च को 25, 21 को 10, 22 को 24, 25 को 16 एवं 26 मार्च को 10 लोगों को टीके दिए गए हैं।
कुत्तों के इस आतंक से क्षेत्र के लोग काफी भयभीत और सहमें हुए हैं। वेअपने घरों से देर शाम या अंधेरे में सुबह निकलने से काफी भय खाते हैं। क्षेत्र के लोग बताते हैं कि सुबह जब घूमने के लिए घर से बाहर निकलते हैं तो भारी संख्या में कुत्तों का झुंड घूमते हुए नजर आता है।
उनमें से कई कुत्ते आवारा होते हैं जो दौड़कर लोगों को काट लेते हैं। ज्यादातर कुत्ते काटने की घटनाएं सुबह और शाम को होती है उसमें भी नगर पंचायत क्षेत्र सबसे अधिक लोग ग्रसित हो रहे है। इन कुत्तों को क्षेत्र से हटाने या इनके आतंक को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर से कोई पहल नहीं किया जा रहा है।
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पकड़ने एवं क्षेत्र से बाहर निकालने का निर्देश
जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से नगर पंचायत के अधिकारी को आवारा कुत्तों से मुक्ति दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाकर उसे पकड़ने एवं क्षेत्र से बाहर निकालने का निर्देश दिया गया है। लेकिन वजीरगंज में इस तरह की कोई पहल नहीं की जा रही है।
सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नितिन कुमार बताते हैं कि अगर यही गति बनी रही तो हमलोग के बीच एंटी रेबीज टिका आपूर्ति करने में समस्या भी हो सकती है।
इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रभाकर सिंह ने बताया कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ गई है तो इसके लिए पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समाधान का प्रयास किया जाएगा।