यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Crime: गोपालगंज के AIMIM जिलाध्यक्ष की गोली मारकर हत्या, आरोपियों को पकड़ने के लिए एसआइटी गठित
गोपालगंज में नगर थाना क्षेत्र के तुरकाहां पुल के समीप बाइक पर सवार एआइएमआइएम जिलाध्यक्ष अब्दुल सलाम की दो अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पीठ में ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, गोपालगंज। नगर थाना क्षेत्र के तुरकाहां पुल के समीप सोमवार की रात एआइएमआइएम जिलाध्यक्ष अब्दुल सलाम उर्फ असलम मुखिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे नगर थाना क्षेत्र के बनकट तकिया गांव के स्व. मोहम्मद हारुन अहमद के पुत्र थे। वे चौराव पंचायत के पूर्व मुखिया, एआइएमआइएम के प्रदेश सचिव व सारण प्रभारी, गोपालगंज सदर विधानसभा सीट से पूर्व प्रत्याशी एवं गोपालगंज इस्लामिया मदरसा के सचिव भी थे।
मामले के खुलासे के लिए एसआईटी गठित की गई थी। वहीं, अब गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कहा कि एसआइटी ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। दोनों लोगों से पूछताछ की जा रही है।
दो अपराधियों ने गोली मार दी
घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि अब्दुल सलाम एक व्यक्ति के साथ बाइक पर सवार होकर तुरकाहां पुल की तरफ से गोपालगंज की ओर आ रहे थे। इस बीच एक बाइक पर सवार दो अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। पीठ में बाईं तरफ एक गोली लगने के बाद वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इलाज के लिए उन्हें सदर अस्पताल में लाया गया। यहां डाक्टरों की देखरेख में उनका इलाज इमरजेंसी वार्ड में चल रहा था। इस दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

मृतक अब्दुल सलाम। फोटो- जागरण
घटना की सूचना मिलने के बाद सदर एसडीपीओ प्रांजल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन की।
एसपी ने कही ये बात
इससे पहले एसपी ने कहा था कि हत्याकांड के उद्भेदन के लिए सदर एसडीपीओ प्रांजल के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया है। एसआइटी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है। प्रथम दृष्टया आपसी रंजिश में हत्या की बात सामने आ रही है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर लिया जाएगा।
विस उपचुनाव में 12214 वोट लाकर चौंका दिया था अब्दुल सलाम ने
गोपालगंज सदर विधायक सुबाष सिंह निधन के बाद नवंबर 2022 में हुए विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की कुसुम देवी (सुबाष सिंह की पत्नी) को 70053 वोट मिले थे, जबकि राजद के मोहन प्रसाद गुप्ता को 68259 वोट। हार-जीत के बीच अंतर महज 1794 वोट का रहा था। वहीं, आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) के प्रत्याशी अब्दुल सलाम को 12214 वोट मिले थे।
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राजनीतिक जानकारों ने बताया था कि यह राजद का कैडर वोट था। इस सेंधमारी का कारण पूर्व सांसद शहाबुद्दीन और उनके परिवार की उपेक्षा बताया गया था। वहीं, राजद समर्थकों को आशंका थी कि तेजस्वी प्रसाद यादव के मामा पूर्व सांसद साधु यादव राजद के वोट में सेंधमारी करेंगे।
पूर्व सांसद साधु यादव ने अपनी पत्नी इंदिरा यादव बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ाया था। उन्हें महज 8854 वोट से संतोष करना पड़ा था। नौ प्रत्याशियों में बसपा का स्थान वाेट प्राप्त करने में चौथा रहा था। तीसरे स्थान पर आकर अब्दुल सलाम ने उपचुनाव में लोगों को चौंका दिया था।