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    बिहार ओपन बोर्ड मैट्रिक परीक्षा का शेड्यूल जारी, 30 जुलाई से होंगे एग्जाम; 25 से प्रैक्टिकल

    Updated: Tue, 07 Jul 2026 05:28 PM (IST)

    बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड की मैट्रिक जून-2026 परीक्षा 30 जुलाई से 10 अगस्त तक दो पालियों में होगी। प्रायोगिक परीक्षाएं 25, 27 और ...और पढ़ें

    बिहार ओपन बोर्ड मैट्रिक परीक्षा का शेड्यूल जारी (AI Generated Image)

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    जागरण संवाददाता, गोपालगंज। बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (बीबीओएसई) की माध्यमिक (मैट्रिक) जून-2026 परीक्षा 30 जुलाई से 10 अगस्त तक आयोजित होगी। बोर्ड ने परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में होगी।

    पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक संचालित होगी।

    बोर्ड के अनुसार, सभी परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने और समझने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। परीक्षा की शुरुआत 30 जुलाई को प्रथम पाली में विज्ञान तथा द्वितीय पाली में चित्रकला विषय से होगी।

    31 जुलाई को प्रथम पाली में गृह विज्ञान और द्वितीय पाली में सामाजिक विज्ञान, एक अगस्त को अंग्रेजी एवं गणित, तीन अगस्त को हिंदी एवं भारतीय संस्कृति एवं विरासत, छह अगस्त को योग एवं शारीरिक शिक्षा तथा बेसिक कंप्यूटर, सात अगस्त को उर्दू एवं संस्कृत तथा 10 अगस्त को भोजपुरी, मैथिली, बांग्ला, अरबी और फारसी विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।

    बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक ही प्रवेश मिलेगा। प्रथम पाली के लिए सुबह 9:00 बजे और द्वितीय पाली के लिए दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

    25 से 28 जुलाई तक होगी प्रायोगिक परीक्षा

    बोर्ड के अनुसार प्रायोगिक परीक्षाएं 25, 27 और 28 जुलाई को आयोजित की जाएंगी। 25 जुलाई को गृह विज्ञान एवं बेसिक कंप्यूटर, 27 जुलाई को योग एवं शारीरिक शिक्षा तथा विज्ञान, जबकि 28 जुलाई को चित्रकला की प्रायोगिक परीक्षा होगी।

    जो परीक्षार्थी स्वयं लिखने में असमर्थ हैं, उन्हें जिला शिक्षा पदाधिकारी की अनुमति से नॉन-मैट्रिक स्तर का लेखक उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे परीक्षार्थियों को नियमानुसार प्रत्येक घंटे पर 20 मिनट अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।

    बोर्ड ने सभी अध्ययन केंद्रों, जिला शिक्षा पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को परीक्षा कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

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