विशिष्ट शिक्षक बनने का इंतजार खत्म! 15 जुलाई से मिलेंगे नियुक्ति पत्र, बिहार में 20 से होगी जॉइनिंग
बिहार में तृतीय व चतुर्थ सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण शिक्षकों की विशिष्ट शिक्षक के रूप में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई है। 15 से 18 जुलाई तक नियुक्ति प ...और पढ़ें

15 से 18 जुलाई तक मिलेगा नियुक्ति पत्र
HighLights
विशिष्ट शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू, डीईओ को निर्देश जारी।
15 से 18 जुलाई तक मिलेंगे औपबंधिक नियुक्ति पत्र।
20 से 25 जुलाई के बीच विद्यालयों में देंगे योगदान।
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। तृतीय एवं चतुर्थ सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण करने तथा द्वितीय चरण की काउंसिलिंग पूरी कर चुके स्थानीय निकाय के शिक्षकों की विशिष्ट शिक्षक के रूप में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
15 से 18 जुलाई तक मिलेगा नियुक्ति पत्र
निर्देश के अनुसार, जिन शिक्षकों की काउंसिलिंग 18, 19 और 26 मई को पूरी हो चुकी है, उन्हें जिला शिक्षा पदाधिकारी स्तर से औपबंधिक नियुक्ति पत्र जारी किया जाएगा।
चयनित शिक्षकों को 15 से 18 जुलाई के बीच जिला स्तर पर नियुक्ति पत्र, विद्यालय पदस्थापन पत्र और योगदान पत्र उपलब्ध कराया जाएगा।
8 से 11 जुलाई तक पूरी होगी तकनीकी प्रक्रिया
विभाग के अनुसार, नियुक्ति पत्र की प्रिंटिंग 8 से 10 जुलाई तक सॉफ्टवेयर के माध्यम से की जाएगी, जिस पर डीईओ के डिजिटल हस्ताक्षर होंगे।
इसके बाद 11 जुलाई से संबंधित विद्यालय का पदस्थापन पत्र और योगदान पत्र भी सॉफ्टवेयर से प्रिंट किया जा सकेगा।
20 से 25 जुलाई के बीच विद्यालयों में देंगे योगदान
नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद सभी चयनित विशिष्ट शिक्षक 20 से 25 जुलाई के बीच अपने-अपने विद्यालयों में योगदान देंगे।
विभाग ने सभी जिलों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
योगदान के साथ बदल जाएगी शिक्षक की सेवा
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिस दिन शिक्षक विशिष्ट शिक्षक के रूप में विद्यालय में योगदान देंगे, उसी दिन से वे स्थानीय निकाय शिक्षक के पद से स्वतः विरमित माने जाएंगे।
उसी तिथि से उन्हें विशिष्ट शिक्षक का दर्जा और उसी पद के अनुरूप वेतन का लाभ भी मिलना शुरू हो जाएगा।
समय पर प्रक्रिया पूरी करने पर जोर
विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को नियुक्ति, पदस्थापन और योगदान की पूरी प्रक्रिया तय समय-सीमा में पूरी कराने का निर्देश दिया है, ताकि चयनित शिक्षकों को बिना किसी विलंब के नई जिम्मेदारी मिल सके।