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    नई बाइक खरीदी, लेकिन कागज निकले किसी और के नाम! ग्राहक ने बिहार के BJP MLC पर दर्ज कराई FIR

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 06:39 PM (IST)

    गोपालगंज में एक ग्राहक ने नई बाइक खरीदी, लेकिन स्मार्ट कार्ड किसी और के नाम पर निकला। ग्राहक ने बाइक एजेंसी मालिक और भाजपा एमएलसी पर धोखाधड़ी व धमकी क ...और पढ़ें

    स्मार्ट कार्ड पर था किसी और का नाम

    स्मार्ट कार्ड पर था किसी और का नाम

    HighLights

    1. ग्राहक ने नई बाइक खरीदी, स्मार्ट कार्ड दूसरे के नाम।

    2. भाजपा एमएलसी और एजेंसी मालिक पर धोखाधड़ी का आरोप।

    3. पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की, मामला संवेदनशील।

    जागरण संवाददाता, गोपालगंज। गोपालगंज में एक बाइक खरीद से जुड़ा मामला अब पुलिस और राजनीति के गलियारों तक पहुंच गया है। आरोप है कि ग्राहक ने नई बाइक खरीदी, लेकिन जब उसके दस्तावेज मिले तो स्मार्ट कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर जारी था। इस मामले में ग्राहक ने बाइक एजेंसी के मालिक और भाजपा एमएलसी पर धोखाधड़ी और धमकी देने का आरोप लगाया है।

    नगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के सामने आने के बाद इलाके में इसकी चर्चा तेज हो गई है।

    2020 में खरीदी थी नई बाइक

    सारण जिले के मशरख थाना क्षेत्र के निवासी नितिन ओझा ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उन्होंने अक्टूबर 2020 में गोपालगंज स्थित एक बाइक एजेंसी से नई मोटरसाइकिल खरीदी थी।

    उनके अनुसार बाइक की कीमत का अधिकांश भुगतान ऑनलाइन किया गया था, जबकि बाकी रकम नकद दी गई थी। खरीदारी के बाद उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि रजिस्ट्रेशन और अन्य कागजात बाद में भेज दिए जाएंगे।

    कागजात के लिए सालों तक करते रहे इंतजार

    ग्राहक का आरोप है कि बाइक खरीदने के बाद वह लगातार एजेंसी के संपर्क में रहे, लेकिन उन्हें वाहन के जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।

    काफी इंतजार के बाद जून 2026 में उन्हें एक स्मार्ट कार्ड दिया गया। लेकिन कार्ड पर दर्ज जानकारी देखकर वह हैरान रह गए।

    स्मार्ट कार्ड पर था किसी और का नाम

    नितिन ओझा के मुताबिक, स्मार्ट कार्ड पर वाहन मालिक के रूप में किसी अन्य व्यक्ति का नाम दर्ज था। उनका आरोप है कि संबंधित वाहन पहले से ही किसी और के नाम पर पंजीकृत था।

    इसके बाद उन्होंने इस मामले की शिकायत एजेंसी प्रबंधन से की और पूरे मामले की जानकारी मांगी।

    शिकायत पर धमकी देने का आरोप

    ग्राहक ने आरोप लगाया है कि शिकायत करने पर एजेंसी मालिक और भाजपा एमएलसी राजीव कुमार उर्फ गप्पू सिंह नाराज हो गए। उन्होंने कथित तौर पर ग्राहक को धमकी भी दी।

    आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रभाव और पद का हवाला देते हुए कार्रवाई से बचने की बात कही गई। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    नगर थाना पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आवेदन में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    जांच के दौरान दस्तावेजों, भुगतान रिकॉर्ड और वाहन पंजीकरण से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जाएगी।

    मामले पर टिकी हैं निगाहें

    यह मामला सिर्फ वाहन खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें राजनीतिक नाम जुड़ने के बाद इसकी संवेदनशीलता भी बढ़ गई है।

    अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही साबित होते हैं।

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