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गोपालगंज में 61.70 करोड़ की ड्रेनेज योजना को मंजूरी, बारिश के पानी की निकासी होगी आसान; सीवरेज अब भी अटका

Published: Tue, 22 Sep 2026 02:14 PM (IST)

गोपालगंज में 61.70 करोड़ रुपये की स्टॉर्म ड्रेनेज योजना को मंजूरी मिल गई है, जिससे बारिश के पानी की निकासी आसान होगी।

गोपालगंज में दुरुस्‍त होगी जलनिकासी व्‍यवस्‍था। जागरण

गोपालगंज में दुरुस्‍त होगी जलनिकासी व्‍यवस्‍था। जागरण

HighLights

  1. गोपालगंज में 61.70 करोड़ की स्टॉर्म ड्रेनेज योजना स्वीकृत।

  2. बारिश के पानी की निकासी की समस्या से मिलेगी राहत।

  3. सीवरेज सिस्टम लंबित, गंदे पानी की निकासी बड़ी चुनौती।

मिथिलेश तिवारी, गोपालगंज। शहर में जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 61 करोड़ 70 लाख 77 हजार 499 रुपये की स्टाॅर्म ड्रेनेज योजना को मंजूरी मिल गई है।

योजना के धरातल पर उतरने के बाद वर्षा के पानी की निकासी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी के लिए प्रस्तावित सीवरेज सिस्टम अब भी स्वीकृति की बाट जोह रहा है।

करीब पांच करोड़ रुपये की सीवरेज योजना लंबे समय से विभागीय स्तर पर अटकी हुई है। ऐसे में शहर के सामने बारिश के पानी के साथ घरेलू गंदे पानी की निकासी की चुनौती बनी हुई है।

वर्षा के पानी की निकासी को मिली हरी झंडी

नगर परिषद क्षेत्र में जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्वीकृत स्टार्म ड्रेनेज योजना को लागू करने की जिम्मेदारी बुडको को सौंपी गई है।

योजना के तहत शहर में वर्षा के पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज व्यवस्था विकसित की जाएगी। विभागीय स्तर पर योजना को मंजूरी मिलने के बाद अब कार्य शुरू होने की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।

शौचालय बने, लेकिन गंदे पानी की निकासी नहीं

शहर को करीब छह वर्ष पूर्व खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया गया था। अभियान के दौरान ऐसे परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए सहयोग राशि दी गई, जिनके घरों में शौचालय नहीं थे।

हालांकि कई घरों में शौचालय के गंदे पानी के लिए सेफ्टी टैंक की व्यवस्था नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप शौचालय का पानी नालियों में गिरने लगा।

शौचालय का पानी नालियों में पहुंचने से कई जगह नालियां जाम हो रही हैं। इससे बदबू और गंदगी की समस्या भी बढ़ रही है।

जिस नाली का इस्तेमाल घरेलू और वर्षा जल की निकासी के लिए होना चाहिए, उसमें शौचालय का पानी भी बह रहा है। इससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

चार नगर निकायों में भी समस्या

गोपालगंज के अलावा मीरगंज, बरौली, हथुआ और कटेया नगर निकाय क्षेत्रों में भी कई जगह खुले नालों की समस्या बनी हुई है।

इन निकायों में सीवरेज सिस्टम नहीं होने से गंदे पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। नालों से निकलने वाली बदबू के कारण आसपास के लोगों को परेशानी होती है। इन नगर निकायों में सीवरेज व्यवस्था विकसित करने की दिशा में अब तक ठोस पहल नहीं हुई है।

ड्रेनेज और सीवरेज की जरूरत अलग

स्टार्म ड्रेनेज योजना से मुख्य रूप से वर्षा के पानी की निकासी की व्यवस्था मजबूत होगी। वहीं सीवरेज सिस्टम का उद्देश्य घरों से निकलने वाले शौचालय सहित अन्य गंदे पानी की वैज्ञानिक तरीके से निकासी करना है।

इसलिए शहर की समग्र जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए दोनों योजनाओं का धरातल पर उतरना जरूरी है।

कहते हैं मुख्य पार्षद

नगर परिषद ने शहर में सीवरेज सिस्टम बनाने की पहल की है। योजना को स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही कार्य शुरू होने की संभावना है। सीवरेज व्यवस्था बनने से घरों के गंदे पानी की निकासी की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी।
हरेंद्र कुमार चौधरी, मुख्य पार्षद, नगर परिषद गोपालगंज