बिहार में जीविका दीदियों को नई जिम्मेदारी, आंगनबाड़ी के बाद अब मिडिल स्कूल के बच्चों की सिलेंगी पोशाक
उचकागांव के साथी गांव में जीविका सिलाई सेंटर की दीदियां अब आंगनबाड़ी के बच्चों के बाद मध्य विद्यालयों के छात्रों की पोशाक भी सिलेंगी। सेंटर पर काम करन ...और पढ़ें

जीविका दीदियों को नई जिम्मेदारी, आंगनबाड़ी के बाद अब मिडिल स्कूल के बच्चों की सिलेंगी पोशाक
HighLights
जीविका दीदियां अब मध्य विद्यालय के छात्रों की पोशाक सिलेंगी।
आंगनबाड़ी बच्चों की 1.43 लाख से अधिक पोशाक तैयार।
दीदियों को आरओ और मासिक स्वास्थ्य शिविर की सुविधा।
संवाद सूत्र, उचकागांव (गोपालगंज)। उचकागांव प्रखंड के साथी गांव में यश इंटरप्राइजेज के बैनर तले संचालित जीविका सिलाई सेंटर की जीविका दीदियों को अब आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के बाद मध्य विद्यालयों के छात्रों की पोशाक सिलाई की जिम्मेदारी भी मिलेगी।
सेंटर पर काम करने वाली जीविका दीदियों की सुविधाओं का भी ख्याल रखा जाएगा। शुद्ध पेयजल के लिए एक सप्ताह के अंदर आरओ लगाया जाएगा, जबकि हर माह एक दिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य शिविर लगाकर कर्मियों की जांच की जाएगी।
रविवार को बीडीओ मनोज कुमार पंडित, जीविका बीपीएम नेहा कुमारी व एरिया कोऑर्डिनेटर पंकज कुमार ने सिलाई सेंटर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सिलाई कार्य में जुटी जीविका दीदियों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
बीडीओ ने केंद्र पर आरओ लगाने और नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए हर माह स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराने की बात कही।
जीविका बीपीएम नेहा कुमारी ने बताया कि सेंटर को जिले के सभी 14 प्रखंडों के आंगनबाड़ी केंद्रों में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा ले रहे 2,23,082 बच्चों की पोशाक सिलाई की जिम्मेदारी दी गई थी। यहां करीब 65 जीविका दीदियां प्रतिदिन एक हजार पोशाक तैयार कर रही हैं।
अब तक 1,62,900 बच्चों की पोशाक के लिए कपड़ा उपलब्ध कराया गया है, जिसमें 1,43,497 पोशाक तैयार कर उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। आंगनबाड़ी बच्चों की पोशाक का कार्य पूरा होने के बाद इसी सेंटर से जिले के मध्य विद्यालयों के छात्रों की पोशाक सिलाई का काम भी शुरू कराया जाएगा।