Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Agriculture: इस फल की खेती पर बंपर सब्सिडी दे रही नीतीश सरकार, बिहार के कृषि विभाग का अब ये है टारगेट

    Updated: Mon, 01 Jul 2024 03:47 PM (IST)

    नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार इन दिनों एक खास फल की खेती को राज्य में काफी बढ़ावा दे रही है। इस फल की खेती पर सरकार भारी सब्सिडी दे रही है। ग ...और पढ़ें

    घर के पास मौजूद अमरूद का पेड़
    घर के पास मौजूद अमरूद का पेड़

    HighLights

    1. 1,110 पौधे अमरूद के लगेंगे एक हेक्टेयर खेत में
    2. 90 प्रतिशत पौधों के बचने पर दिया जाएगा अनुदान
    3. खेती करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा

    जागरण संवाददाता, गोपालगंज। घर के आंगन की अमरूद की मिठास अब किसानों के खेतों में भी घुलेगी। इस साल उद्यान विभाग ने जिले में 100 हेक्टेयर में अमरूद के व्यावसायिक खेती की पहल की है। इस अभियान के तहत केला तथा पपीता के साथ अमरूद की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।

    इन फलों की खेती करने वाले किसानों को अनुदान भी मिलेगा। अमरूद, पपीता तथा केला के लिए अलग अलग अनुदान की राशि निर्धारित की गई है। इन फलों की खेती करने वाले किसानों को अनुदान देने के साथ ही उन्हें उन्नत तरीके से फलों की खेती करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

    अब कुछ ही घरों में नजर आते हैं अमरूद के पेड़

    एक समय था कि जब हर घर के आंगन में अमरूद के पेड़ होते थे। गांव के बगीचे में भी आम के बाद अमरूद के ही पेड़ नजर आते थे। समय के साथ अमरूद बगीचों से गायब होती चली गई। घर-घर के सामने दिखने वाले अमरूद के पेड़ अब कुछ ही घरों के सामने नजर आते हैं।

    ऐसे में उद्यान विभाग ने इस साल से अमरूद की मिठास फिर से खेतों में घोलने की तैयारी करते हुए इसकी व्यावसायिक खेती कराने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत थावे प्रखंड सहित जिले के सभी प्रखंडों में अमरूद की व्यावसायिक खेती करने की पहल की गई है।

    खबरें और भी

    ये है कृषि विभाग का टारगेट

    अमरूद की खेती के लिए जिले के साथ ही सभी प्रखंडों के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला कृषि पदाधिकारी भुपेंद्र मणि त्रिपाठी बताते हैं कि जिले में पहले चरण में 100 हेक्टेयर में अमरूद की व्यवसायी खेती करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए सभी प्रखंडों के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    उन्होंने बताया कि प्रति हेक्टेयर में अमरूद के 1,110 पौधे लगाए जाएंगे। प्रति पौधे की कीमत 30 रुपये होती है। किसानों को अनुदान पर पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। अमरूद की खेती करने वाले किसानों को पहले साल 90 प्रतिशत पौधे बचने पर अनुदान दिया जाएगा।

    अनुदान की राशि किसानों के खाता में भेजी जाएगी। इसके साथ ही किसानों को उन्नत तरीके से अमरूद की खेती करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अमरूद की खेती के लिए किसानों को चयनित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    यह भी पढ़ें-

    Bihar News: भोजपुर के इन 300 किसानों ने व्यावसायिक खेती की ओर बढ़ाया कदम, बाजार में खुद का ब्रांड लाने की तैयारी

    Bihar News: कभी बाढ़ और सूखे की मार से परेशान थे शिवहर के ये किसान, आज आधुनिक खेती से कर रहे मोटी कमाई