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    गोपालगंज के फुलवरिया CHC में 1 साल से बंद CBC जांच, मरीजों की बढ़ी परेशानी

    Updated: Thu, 25 Jun 2026 03:12 PM (IST)

    फुलवरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबीसी मशीन एक साल से खराब है और डिजिटल एक्स-रे की सुविधा भी नहीं है। इससे मरीजों को निजी लैब पर निर्भर रहना प ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. सीबीसी मशीन एक साल से खराब, मरीजों को निजी लैब जाना पड़ रहा।

    2. डिजिटल एक्स-रे सुविधा न होने से गंभीर जांचें प्रभावित हो रही हैं।

    3. अस्पताल प्रशासन ने वरीय अधिकारियों को सूचना दी, नई मशीन का आश्वासन।

    संवाद सूत्र, फुलवरिया (गोपालगंज)। फुलवरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी जांच सुविधाओं की बदहाली मरीजों के इलाज में बड़ी बाधा बन गई है। अस्पताल में लगी कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) जांच मशीन पिछले करीब एक वर्ष से खराब पड़ी है।

    इससे रोजाना इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को आवश्यक रक्त जांच के लिए निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। दूसरी ओर, डिजिटल एक्स-रे मशीन नहीं होने से गंभीर चोट और बीमारी की सटीक जांच भी प्रभावित हो रही है।

    इसका सबसे अधिक असर गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन औसतन 80 से 110 मरीज इलाज के लिए सीएचसी पहुंचते हैं।

    इनमें गर्भवती महिलाओं के अलावा बुखार, टायफाइड, सर्दी-जुकाम, आंख और अन्य बीमारियों के मरीज शामिल रहते हैं। इनमें से करीब 60 से 70 प्रतिशत मरीजों को रक्त जांच की आवश्यकता पड़ती है।

    सीबीसी जांच उपलब्ध नहीं होने से चिकित्सकों को बीमारी का सही आकलन करने में भी कठिनाई हो रही है, जिससे इलाज प्रभावित हो रहा है। मंगलवार को अस्पताल पहुंचे सवनहा गांव निवासी अमन तिवारी उर्फ शौर्य तिवारी, सुनीता देवी, ऋषिका देवी, वृजनारायण सिंह और शमसुद्दीन अंसारी सहित कई मरीजों ने बताया कि अस्पताल में जांच व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।

    उन्होंने कहा कि डिजिटल एक्स-रे सुविधा नहीं होने से कई बार बेहतर जांच के लिए बाहर जाना पड़ता है। वहीं सीबीसी जांच नहीं होने के कारण निजी जांच केंद्रों पर अतिरिक्त खर्च करना मजबूरी बन गया है।

    सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि सीबीसी मशीन खराब होने की सूचना वरीय अधिकारियों को लिखित और ई-मेल के माध्यम से भेजी जा चुकी है। इस वित्तीय वर्ष में नई मशीन मिलने का आश्वासन मिला है।

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