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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Arwal News: सदर अस्पताल में बनेगा 100 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट, मरीजों को मिलेंगी ये सुविधाएं

    Updated: Wed, 28 May 2025 03:28 PM (IST)

    अरवल जिले में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए सरकार ने सदर अस्पताल में 100 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने की स्वीकृति दी है। इ ...और पढ़ें

    100 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने की मिली स्वीकृति
    100 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने की मिली स्वीकृति

    HighLights

    1. अरवल में बनेगा क्रिटिकल केयर यूनिट
    2. घायलों को मिलेगा बेहतर इलाज

    जागरण संवाददाता, अरवल। जिले में सड़क दुर्घटना में प्रति वर्ष औसतन 70 से अधिक मौतें होती हैं और 200 से अधिक लोग घायल होते हैं। इसके अलावा अन्य दुर्घटनाओं में भी लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन सुविधा के अभाव में प्रथमिक उपचार सदर अस्पताल में होता है उसके बाद 60 किलोमीटर दूर पटना रेफर कर दिया जाता है, जिससे घायलों को गोल्डन ऑवर का लाभ नहीं मिलता। कई लोग रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।

    सौ बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट को मिली स्वीकृति

    जिले में ट्रामा सेंटर की मांग कई वर्षों से आम लोग कर रहे थे। इसके बाद सरकार ने सौ बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने के लिए स्वीकृति दे दी है। इसके निर्माण के लिए प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इसके निर्माण में 44 लाख 55 हजार रूपये खर्च होगा और भवन 6 मंजिला बनेगा।

    राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा अरवल जिले के सदर अस्पताल परिसर में 100 बेड वाले क्रिटिकल केयर यूनिट भवन के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। उक्त भवन के निर्माण हेतु डीपीआर तैयार करने के लिए दिल्ली की कंपनी मास एंड डिजाईन प्रा लि को कार्यादेश मिला है।

    मिलेंगी ये सुविधाएं

    इस भवन में आईसीयू में 20 बेड, एचडीयू के 20 बेड, आईसोलेशन वार्ड अंतर्गत 30 बेड, आईसोलेशन रूम 12, डाईलेसिस 4 बेड, आपातकालीन 10 बेड, 1 ऑपरेशन थियेटर सहित अन्य सुविधाएं होगी। इस भवन के निर्माण के बाद जिले में ट्रॉमा सेंटर की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है तथा जिले में बेहतर चिकित्सा मुहैया कराई जा सकेगी।

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    इस भवन निर्माण हेतु 130 बाई 150 फीट की भूमि की जरूरत है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक शलिम जावेद द्वारा बताया गया कि इस प्रकार की सुविधा वाले अस्पताल की आवश्यकता पूर्व से महसूस की जा रही थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है। यह यूनिट गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए गहन चिकित्सा प्रदान करेगी और उन्हें तुरंत आवश्यक देखभाल सुनिश्चित करेगी।

    इस नई यूनिट के बनने से मरीजों को तत्काल सेवा मिलेगी। यह यूनिट सामान्य अस्पतालों से अलग होगी और इसमें 24 घंटे विशेषज्ञ चिकित्सकों और कर्मचारियों की तैनाती होगी। यह परियोजना बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित की जाएगी।

    सदर अस्पताल परिसर में जमीन चिन्हित कर ली गई है। जल्द ही इसमें निर्माण कार्य शुरू होगा। इस यूनिट के निर्माण हो जाने के बाद दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल मरीज को बाहर नहीं जाना पड़ेगा।