यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Kisan News: बिहार के इस जिले के 4474 किसानों का बनाया जाएगा विशिष्ट पहचान पत्र, प्रक्रिया हुई शुरू
बिहार के अरवल जिले में फार्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू हो गई है जिसका उद्देश्य किसानों की डिजिटल पहचान बनाकर सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना है। 1 ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, अरवल। Bihar Kisan News: अरवल जिले में किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है। जिले के 10 राजस्व ग्रामों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत फार्मर रजिस्ट्री कैंप लगाए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य किसानों की डिजिटल पहचान को सुदृढ़ बनाना और उन तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना है।
अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि कैंप में किसानों की ई-केवाईसी और फेस रिकॉग्निशन तकनीक के जरिए पहचान सत्यापित की जा रही है।
किसके लिए कृषि विभाग के किसान कोऑर्डिनेटर और चयनित पंचायत के राजस्व कर्मचारी का आईडी बनाया गया है। कोऑर्डिनेटर का काम ई केवाईसी करना और राजस्व कर्मचारी का काम किसानों के जमीन का बकेटिंग करना है।
किसानों को दोनों चरणों में उपस्थित रहना होगा क्योंकि पूरी प्रक्रिया फेस रिकॉग्निशन तकनीक से की जाती है। किसान सलाहकारों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र के पात्र किसानों को कैंप तक लेकर आएं।
इस कार्य की मॉनिटरिंग जिला स्तर से की जा रही है।सभी वरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने प्रखंड में जाकर इस कार्य की निगरानी करें और जहां जरूरत हो तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएं
4 हजार 474 किसानों को बनेगा विशिष्ट पहचान पत्र
जिले में 4474 किसानों को 11 अंक वाला विशिष्ट पहचान पत्र बनाया जाएगा जिसमें खभैंनी 276, सकरी 264, कलेर 347,कामता 351, कोचहसा 877, आईयारा 741, धमौल 389, बारा 261, माली 686, खटांगी 288 किसानों को विशिष्ट पहचान पत्र बनाया जाएगा
क्या कहते हैं पदाधिकारी
विभाग के सभी वरीय पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि चयनित राजस्व गांव में जाकर इस कार्य का निगरानी करें और जहां जरूरत हो तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराए। इस काम को सबसे पहले करने का विभागीय निर्देश है किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी-मनीष कुमार (अनुमंडल कृषि पदाधिकारी)
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