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IIT मुंबई से पढ़ाई, अब बिहार प्रशासनिक सेवा में चयन; डॉ. रश्मि बाला की बड़ी उपलब्धि, अमृता ने भी रचा इत‍िहास

Published: Sun, 21 Jun 2026 09:05 AM (IST)

जहानाबाद की दो बेटियों, डॉ. रश्मि बाला और अमृता कुमारी ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में क्रमशः 142वीं और 156वीं रैंक ...और पढ़ें

डॉ. रश्‍‍म‍ि बाला एवं अमृता कुमारी। सौ-स्‍वयं

डॉ. रश्‍‍म‍ि बाला एवं अमृता कुमारी। सौ-स्‍वयं

HighLights

  1. जहानाबाद की रश्मि बाला, अमृता कुमारी ने बीपीएससी में सफलता पाई।

  2. रश्मि को 142वीं, अमृता को 156वीं रैंक मिली।

  3. दोनों ने तीसरे प्रयास में हासिल की यह शानदार उपलब्धि।

जागरण टीम, जहानाबाद। 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम में दो बेटियों ने शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है।

मेहंदिया थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव की डॉ. रश्मि बाला और रतनी फरीदपुर प्रखंड के हाजमपुर गांव की अमृता कुमारी उर्फ गोल्डी कुमारी ने अपने तीसरे प्रयास में सफलता प्राप्त कर युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

डॉ. रश्मि बाला ने परीक्षा में 142वीं रैंक हासिल की है। उनके चयन से बिहार प्रशासनिक सेवा में योगदान देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

आईआईटी मुंबई से की एमएससी की पढ़ाई

रश्मि शुरू से ही प्रतिभाशाली छात्रा रही हैं। उन्होंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कर्नाटक से स्नातक और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है, जबकि आईआईटी मुंबई से भूविज्ञान विषय में एमएससी की पढ़ाई पूरी की है।

वर्तमान में वे बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग में जिला खनिज विकास पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उनके पिता प्रो. शंकर शर्मा मगध विश्वविद्यालय, गया में सहायक प्राध्यापक हैं।

रश्मि की इस सफलता से परिवार, शिक्षकों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर है। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि कठिन परिश्रम, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

सेल्‍फ स्‍टडी से हासिल की सफलता 

वहीं, रतनी फरीदपुर प्रखंड की पंडौल पंचायत अंतर्गत हाजमपुर गांव की बेटी अमृता कुमार उर्फ गोल्डी कुमारी ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 156वां स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।

इस सफलता के बाद उन्हें प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर नियुक्ति का अवसर मिलेगा। अमृता ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग और निरंतर प्रोत्साहन को दिया।

उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान परिवार के सदस्यों ने हर कदम पर उनका मनोबल बढ़ाया, जिससे कठिन परिस्थितियों में भी उनका आत्मविश्वास बना रहा। उनके पिता विनोद कुमार लखीसराय मंडल कारा में जमादार के पद पर कार्यरत हैं।

अमृता ने प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद पटना से मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की।

स्नातक के बाद वे जहानाबाद में रहकर ऑनलाइन माध्यम से सेल्फ स्टडी के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं।

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तीसरे प्रयास में मिली इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति और अनुशासित तैयारी से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। 

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