यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jehanabad Stampede News: बाबा के जलाभिषेक का था इंतजार, तभी मौत बनकर आई भगदड़; निगल गई 7 जानें
Stampede in Siddheshwar Nath Temple बिहार के जहानाबाद में ऐतिहासिक बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में सोमवार तड़के सुबह एक ऐसी घटना घटी जिसने सभी को हिला क ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, जहानाबाद। Bihar stampede news: बिहार के जहानाबाद जिले के मखदुमपुर स्थित ऐतिहासिक बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में एक ऐसी अनहोनी हुई, जिसकी किसी भी श्रद्धालु ने कल्पना भी नहीं की होगी।
सोमवार तड़के सुबह का समय था। बाबा सिद्धेश्वर नाथ का जलाभिषेक करने के लिए पहाड़ की चोटी तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी थी।
रविवार की मध्य रात्रि के बाद से ही लोग भोले शंकर पर जलाभिषेक करने को लेकर उतावले थे। भक्ति भाव में विभोर बाबा के भक्त बोल-बम के जयकारे लगा रहे थे।
अपनी बारी का कर रहे थे इंतजार तभी...
बाबा सिद्धेश्वर नाथ के मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर लगभग 100 मीटर की दूरी तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी थी। सभी श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
अचानक भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। जो भी सामने आया, उसे रोंदते हुए लोग नीचे उतरने की कोशिश करने लगे, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि लोग एक-दूसरे पर गिरते चले गए। करीब आधे घंटे तक आपाधाफी मची रही।
जयकारों की जगह सुनाई देने लगी चीखने-चिल्लाने की आवाजें
बोल-बम के जयकारों से गूंजते मंदिर में अब सिर्फ चीखने-चिल्लाने और मदद के लिए पुकारती आवाजें सुनाई दे रही थीं। चीखने-चिल्लाने और रोने की आवाजें वाणावर की वादियों में गुजरने लगीं।
लोगों के सामान इधर-उधर बिखरे थे। अपनों को खोजने में लोग जुटे हुए थे। धर्म व आस्था के इस मेले में मौत का तांडव मच गया।
मुस्तैद होता प्रशासन तो...
पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा, लेकिन तबतक काफी देर हो चुकी थी। सात लोग अपनी जान गंवा चुके थे। 30 से अधिक श्रद्धालु घायल हो चुके थे। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन अब भी कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
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अपनी आंखों से इस रूह कंपा देने वाली घटना को देखने वाले श्रद्धालु सिर्फ यही कह रहे कि अगर प्रशासन मुस्तैद होता तो शायद ये अनहोनी न होती। शायद सात लोग अपनी जान न गंवाते, 30 से भी ज्यादा लोग घायल न होते।