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    बिहार में जल्द शुरू होगा एक और रोप-वे, जहानाबाद में वाणावर पहाड़ पर ट्रायल की तैयारी

    Updated: Tue, 16 Jun 2026 02:58 PM (GMT+05:30)

    जहानाबाद के वाणावर में बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर के लिए रोपवे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जिसका ट्रायल श्रावणी मेले से पहले होने की उम्मीद है। ...और पढ़ें

    वाणावर पहाड़ पर ट्रायल की तैयारी

    वाणावर पहाड़ पर ट्रायल की तैयारी

    HighLights

    1. वाणावर रोपवे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।

    2. श्रावणी मेले से पहले ट्रायल की उम्मीद है।

    3. श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मंदिर तक पहुंचना आसान होगा।

    जागरण संवाददाता,जहानाबाद। इस सावन के महीने में बाबा सिद्धेश्वर नाथ की नगरी वाणावर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर तक पहुंचाना पहले से काफी आसान हो जाएगा। दरअसल रोपवे निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है और उम्मीद है कि श्रावणी मेले से पहले इसका ट्रायल कर लोगों को यह सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। 

    जानकारी के अनुसार हथियाबोर क्षेत्र से सिद्धेश्वर नाथ मंदिर तक बनने वाला यह रोपवे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहद सुविधाजनक साबित होगा। अभी तक मंदिर तक पहुंचने के लिए लोगों को पैदल चढ़ाई करनी पड़ती थी। जिससे बुजुर्गों और बच्चों को काफी परेशानी होती थी। लेकिन रोपवे शुरू होने के बाद यह यात्रा कुछ ही मिनटों में पूरी की जा सकेगी। 

    2015 में ही रखी गई थी आधारशिला

    दरअसल यहां रोपवे का आधारशिला वर्ष 2015 में ही रखी गई थी। लेकिन वन विभाग के अनुमति नहीं मिलने के कारण कार्य में विलंब हुआ। 2022 के अक्टूबर महीने से काम प्रगति में आया लेकिन बीच-बीच में कई स्थानीय स्तर पर समस्या आती रही जिसके कारण निर्माण कार्य की गति प्रभावित होता रहा। 

    हालांकि अब रोपवे का निर्माण अंतिम चरण में है। ऐसे में कभी भी इसका ट्रायल हो सकता है। लोअर स्टेशन और अपर स्टेशन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसके साथ ही चारों टावर भी तैयार हैं। एक होल्डिंग ढांचा भी बन चुका है और फिलहाल तार बिछाने का कार्य अंतिम चरण में है। 

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    जल्द ही ट्रॉली का होगा ट्रायल 

    जल्द ही ट्रॉली का ट्रायल भी शुरू किया जाएगा। इस रोपवे में एक बार में आठ से 10 यात्री आराम से यात्रा कर सकेंगे। 24 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह रोपवे दो अलग-अलग अलाइनमेंट में विकसित किया जा रहा है, जिससे सुरक्षा और संचालन में बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जा सके। 

    यह परियोजना न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में भी जिले को नई पहचान दिलाने वाली है। वाणावर पहाड़ पर स्थित भगवान भोले शंकर का मंदिर पहले से ही श्रद्धालुओं के आस्था का प्रमुख केंद्र है। 

    विशेष रूप से सावन महीने में यहां लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। रोपवे के शुरू होने से श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।

    मनमोहक दृश्य का भी होगा दीदार

    रोपवे से यात्रा के दौरान पर्यटक पहाड़ की ऊंचाइयों से वाणावर की हरियाली, प्राकृतिक सुंदरता और फल्गु नदी के मनमोहक दृश्य का आनंद भी ले सकेंगे। इससे यह क्षेत्र एक आकर्षक टूरिस्ट स्टेशन के रूप में विकसित होगा। 

    स्थानीय लोगों के लिए भी यह परियोजना आर्थिक रूप से लाभकारी साबित होगी। पर्यटन बढ़ने से रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे,छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

    बहुप्रतीक्षित रोपवे निर्माण कार्य वाणावर में अब पूरा होने वाला है। पुल निर्माण विभाग से संचालित यह कार्य अंतिम चरण में है। हम लोगों की पूरी कोशिश है कि जल्द ही इसका ट्रायल करा श्रद्धालुओं की सुविधा में संचालित कर दिया जाए। -चांदनी कुमारी, नोडल पदाधिकारी पर्यटन विभाग

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