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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    KK Pathak : सैकड़ों शिक्षकों पर गिर सकती है गाज, एक्शन में केके पाठक का शिक्षा विभाग; ये है आरोप

    Updated: Wed, 08 May 2024 01:47 PM (GMT+05:30)

    KK Pathak News बिहार के जमुई जिले के 121 शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। ये सभी शिक्षक लखीसराय डायट में छह दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण प्राप्त कर र ...और पढ़ें

    KK Pathak: सैकड़ों शिक्षक पर गिरेगी गाज! एक्शन में केके पाठक का शिक्षा विभाग; ये है आरोप (फाइल फोटो)
    KK Pathak: सैकड़ों शिक्षक पर गिरेगी गाज! एक्शन में केके पाठक का शिक्षा विभाग; ये है आरोप (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. लखीसराय डायट में चल रहा प्रशिक्षण
    2. झाझा के 2 शिक्षक को किया विरमित

    संवाद सहयोगी, जमुई। लखीसराय डायट में एफएलएन-3 प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे जमुई के 123 शिक्षकों पर डायट के प्राचार्य डॉ. वंदना कुमारी ने कार्रवाई की अनुशंसा की है। जमुई के जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र प्रेषित कर प्राचार्य ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए एक दिन के वेतन कटौती के साथ कार्रवाई की अनुशंसा की है।

    ये शिक्षक छह दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनमें दो शिक्षक को प्रशिक्षण से विरमित किया गया है, जबकि 121 शिक्षक प्रशिक्षण में विलंब से पहुंचे थे।

    लखीसराय डायट के प्राचार्य ने अपने पत्र में झाझा स्थित मध्य विद्यालय चरघरा के अनिल कुमार तथा मध्य विद्यालय धमना के अब्दुल्ला रहमानी पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने, योगा सत्र एवं प्रशिक्षण कक्षा को बाधित करने, अनुशासनहीनता तथा छात्रावास परिसर में मेस कर्मी से धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाते हुए प्रशिक्षण से विरमित कर दिया। साथ ही एक दिन के वेतन कटौती के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है।

    121 शिक्षकों पर एक दिन की वेतन कटौती की अनुशंसा

    दूसरे पत्र में डायट प्राचार्य ने प्रशिक्षण में विलंब से पहुंचने को लेकर जिले के जमुई, झाझा और गिद्धौर प्रखंड के 121 शिक्षकों पर एक दिन की वेतन कटौती की अनुशंसा की है। इसमें जमुई प्रखंड के आठ, गिद्धौर के 57 तथा झाझा के 56 प्रशिक्षु शिक्षक शामिल हैं।

    इधर, प्रशिक्षु शिक्षक अनिल व रहमानी ने बताया कि प्रशिक्षण व्यवस्था की खामियों पर मुंह बंद रखने के लिए कार्रवाई को शस्त्र के रूप में उपयोग किया गया है।

    बताया कि योगा सत्र में कुशल योगा प्रशिक्षक की जगह किसी दूसरे द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा था। योगा सत्र में सही विधि व उम्र के सापेक्ष के अनुरूप योगाभ्यास नहीं कराया जा रहा था, जिसका विरोध करने पर योगा कराने वाले से विवाद हुआ था।

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    बहरहाल, किसके आरोप में सच्चाई है यह गहन जांच के बाद ही सामने आ सकता है, लेकिन इस घटना के बाद जिले के शिक्षकों में रोष है।

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