Bihar Police: 216 दिनों की तपस्या के बाद खाकी का सपना हुआ साकार, 263 जवानों ने ली सेवा और सुरक्षा की शपथ
जमुई पुलिस लाइन में 216 दिनों के कठिन प्रशिक्षण के बाद 2025 बैच के 263 प्रशिक्षु सिपाही बिहार पुलिस का हिस्सा बन गए। डीआईजी राकेश कुमार ने जवानों को स ...और पढ़ें

263 जवानों ने ली सेवा और सुरक्षा की शपथ
HighLights
263 प्रशिक्षु सिपाही 216 दिन के प्रशिक्षण के बाद हुए पास आउट।
डीआईजी राकेश कुमार ने जवानों को सेवा, न्याय का संदेश दिया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
संवाद सूत्र, बरहट (जमुई)। कठिन तपस्या, कड़ी धूप में बहाए पसीने और अनुशासित जीवन के कड़े प्रशिक्षण के बाद आखिरकार वह ऐतिहासिक पल आ गया, जिसने न सिर्फ जमुई पुलिस लाइन के मैदान को देश सेवा के संकल्प से गुंजा दिया, बल्कि वहां मौजूद हर दिल को झकझोर गया।
जब कंधों पर जिम्मेदारी का सितारा और दिल में देशभक्ति का जज्बा लिए नए जवानों के कदम कदमताल करते हुए दीक्षांत परेड के लिए बढ़े तो मैदान में मौजूद स्वजनों की आंखें गर्व और आंसुओं के अनूठे संगम से भीग गईं।
216 दिनों के कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन और अथक परिश्रम के बाद बुधवार को जमुई पुलिस लाइन में आयोजित दीक्षांत समारोह (पासिंग आउट परेड) के साथ 2025 बैच के 263 प्रशिक्षु सिपाही बिहार पुलिस का हिस्सा बन गए।
बेगूसराय जिले के 263 प्रशिक्षु सिपाहियों ने परेड कमांडर सिपाही विनीत कुमार और द्वितीय कमांडर सिपाही साहिल कुमार के नेतृत्व में शानदार मार्चपास्ट प्रस्तुत किया। खाकी वर्दी में सजे जवानों के कदमों की गूंज और चेहरे पर झलकता आत्मविश्वास समारोह का मुख्य आकर्षण रहा।
मुख्य अतिथि डीआईजी राकेश कुमार ने परेड की सलामी लेने के बाद जवानों को सेवा, न्याय और ईमानदारी का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि खाकी केवल एक वर्दी नहीं, बल्कि समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति का पुलिस पर विश्वास है। जनता के प्रति संवेदनशीलता ही पुलिस की सबसे बड़ी पहचान है।
खबरें और भी
प्राचार्य सह पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सिखाई गई हर बात को सेवा काल में आत्मसात करना ही वास्तविक सफलता होगी। उन्होंने जवानों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि अब उनकी वास्तविक परीक्षा जनता के बीच शुरू होगी।
समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले परेड कमांडर विनीत कुमार और द्वितीय कमांडर साहिल कुमार को डीआईजी राकेश कुमार ने प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। वहीं, सर्वश्रेष्ठ अनुदेशक के रूप में शशिभूषण सिंह को भी सम्मानित किया गया।
परेड समाप्त होने के बाद मैदान भावुक दृश्यों का केंद्र बन गया। लंबे समय बाद अपने स्वजनों से मिलते जवानों की आंखों में खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। किसी मां ने बेटे को गले लगाकर आशीर्वाद दिया तो किसी पिता ने गर्व से बेटे की वर्दी को निहारा। परिवारजनों के साथ मिलन के इन भावुक क्षणों ने पूरे माहौल को भावनात्मक बना दिया।
समारोह में डीआईजी राकेश कुमार, प्रशिक्षण डीआईजी रमण कुमार चौधरी, सीआरपीएफ 215 बटालियन के कमांडेंट विनोद कुमार मोहरिल, जिलाधिकारी नवीन, एसएसबी के कमांडेंट, बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक यादव, उपाध्यक्ष खुशबू कुमारी, लाइन डीएसपी सुरेश प्रसाद, एमटी सार्जेंट राजू कुमार, सार्जेंट निरंजन कुमार समेत कई अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित थे।