यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: छोटा भाई नीतीश सरकार में मंत्री, बड़ा भाई करेगा 'खेला'! तेजस्वी से गुपचुप कर ली मीटिंग
अजय प्रताप की तेजस्वी से मुलाकात के बाद राजनीति गलियारे में चर्चा तेज हो गई है। अजय प्रताप स्व. नरेन्द्र सिंह के पुत्र व बिहार सरकार में मंत्री सुमित ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, जमुई। शुक्रवार को पूर्व विधायक अजय प्रताप ने पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से पटना स्थित आवास पर भेंट की। इस भेंट के बाद उनके राजद में जाने की चर्चा तेज हो गई है। संभावना यह बताई जा रही है कि वे 6 अप्रैल को जमुई में तेजस्वी की होने वाली सभा में राजद ज्वाइन कर सकते हैं।
अजय प्रताप की तेजस्वी से मुलाकात के बाद राजनीति गलियारे में चर्चा तेज हो गई है। अजय प्रताप स्व. नरेन्द्र सिंह के पुत्र व बिहार सरकार में मंत्री सुमित कुमार सिंह के बड़े भाई हैं। पूछने पर बताया कि बात हो रही है। आगे देखते हैं।
अजय प्रताप का सियासी सफर
अजय प्रताप 2010 में भाजपा के चुनाव चिह्न पर जमुई विधानसभा से चुनाव लड़े और विधायक बने। 2015 में राजद के विजय प्रकाश ने उन्हें हरा दिया। 2020 में भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया। गोल्डन गर्ल श्रेयसी सिंह भाजपा से चुनाव लड़ीं और राजद के विजय प्रकाश को चुनाव हराकर विधायक बनीं।

पटना स्थित आवास पर तेजस्वी से मिलते अजय प्रताप। जागरण
श्रेयसी का जमुई सीट पर कब्जा जमाने के बाद अजय प्रताप की राजनीति हाशिए पर आ गई। जमुई के निवर्तमान सांसद चिराग से भी उनका छत्तीस का आंकड़ा रहा है। उसके बाद वे लगातार अपने लिए जमीन तलाशने में जुट गए।
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जमुई की राजनीतिक धूरी
यहां बता दें कि दो दशक से जमुई की राजनीतिक धूरी नरेन्द्र सिंह और जयप्रकाश नारायण के इर्द-गिर्द ही घुमती रही। हर चुनाव में दोनों ही परिवार आमने-सामने रहे हैं। इस बार की बदलती राजनीति परिस्थिति में जयप्रकाश नारायण यादव के परिवार और अजय प्रताप के लिए कुछ अलग दिख रहा है। फिलवक्त अजय प्रताप के छोटे भाई बिहार सरकार में मंत्री हैं और मुख्यमंत्री के करीबी भी हैं।
मतदाताओं पर क्या असर होगा?
उधर, राजद से अजय प्रताप आने के बाद विजय प्रकाश को अपनी जमीन तलाशनी पड़ेगी। उनके राजद में शामिल होने पर एक दिलचस्प स्थिति भी बनेगी। छोटा भाई मंत्री सुमित कुमार सिंह पहले ही चिराग के पक्ष में प्रचार की बात कह चुका है। अब बड़ा भाई अजय प्रताप राजद प्रत्याशी अर्चना रविदास के लिए प्रचार करेगा। दोनों के प्रचार का जमुई के मतदाताओं पर क्या असर पड़ेगा। इसका आकलन 4 जून को मतगणना के बाद ही पता चलेगा।