Akshaya Tritiya 2026 Date: अक्षय तृतीया पर शुभ संयोग, विवाह के साथ भूमि पूजन के लिए भी शुभ मुहूर्त
भारतीय काल गणना में अक्षय तृतीया को अत्यंत शुभ माना जाता है, जो 20 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन विवाह, गृह प्रवेश और भूमि पूजन जैसे मांगलिक कार्य करना ...और पढ़ें

अक्षय तृतीया पर शुभ संयोग, विवाह के साथ भूमि पूजन के लिए भी शुभ मुहूर्त

समय कम है?
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संवाद सहयोगी, जमुई। भारतीय काल गणना में अक्षय तृतीया को सबसे शुभ दिन माना जाता है। आगामी 20 अप्रैल को यह पर्व पूरे उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दिन एक और जहां किसान अगली फसल के लिए अपने खेतों में पारंपरिक रूप से भूमि पूजन करेंगे, वहीं वैवाहिक आयोजनों के कारण शहर का हर गली- मोहल्ला में शाम होते ही शहनाई की मधुर गूंज सुनाई देगी।
भारतीय परंपरा में अक्षय तृतीया को चार प्रमुख अक्षय मुहूर्त में स्थान प्राप्त है। इस दिन किए गए शुभ कार्य कभी क्षय नहीं होता, ऐसी मान्यता है।
पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि यह पर्व वैशाख के शुक्ल पक्ष की तृतीय तिथि को मनाया जाता है, जो रविवार दोपहर लगभग एक बजे से प्रारंभ होकर सोमवार पूर्वाह्न 10:39 बजे तक प्रभावी रहेगा।
उन्होंने कहा कि इस अवधि में शीदी-विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन, दान-पुण्य एवं अन्य मांगलिक कार्य करना अत्यंत शुभ है। शुभ दिवस होने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
शहर में रहेगी विवाह समारोह की धूम
शहर में विवाह समारोह की धूम रहेगी। बिना पंचाग देखे शुभ माने जाने वाले इस दिन को बड़ी संख्या में शादियां संपन्न होगी। नौ दिन शेष रहने से बाजार में भी रौनक दिख रही है। सर्राफा, कपड़ा और सजावटी सामान के व्यवसायियों को अच्छी बिक्री की उम्मीद है।
सोना-चांदी खरीदना शुभ
वैसे तो अक्षय तृतीया तिथि पर विवाह, गृह प्रवेश और सभी तरह के मांगलिक कार्य आरंभ करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है, लेकिन इस दिन सोना-चांदी खरीदना और जमीन-जायदाद का सौदा करना भी शुभ माना जाता है। व्यवसायियों को पूरी उम्मीद है कि बिक्री अच्छी-खासी होगी।
शुभ मुहूर्त का समय
वृष स्थिर लगन में सुबह के समय 6:56 से 8:52 बजे तक तथा सिंह स्थिर लग्न में दोपहर 1:24 से 3:28 तक का समय व्यवसायिक एवं भूमि पूजन के लिए उपयुक्त मुहूर्त है।
शत्रुध्न आचार्य ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र का आगमन 25 मई दिन सोमवार की शाम 08 बजकर 17 मिनट पर हो रहा है, इसमें खरीफ फसल की बुआई करना किसानों के लिए शुभ होगा। साथ ही मानसून के प्रथम माह में अच्छी बारिश होने के संकेत भी हैं।
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