अपनों की बेरुखी पर रोया जमुई का गौरव, पूर्व सीएम चंद्रशेखर बाबू की पुण्यतिथि पर छलका दर्द
पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रशेखर सिंह की 41वीं पुण्यतिथि जमुई के मलयपुर में मनाई गई, जहां उनके समाधि स्थल की बदहाली पर नेताओं और स्थानीय लोगों ने गहरा दुख ...और पढ़ें

पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रशेखर सिंह के समाधि पर तैलीय चित्र को नमन करते पुत्र विधु शेखर सिंह और अन्य

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संवाद सूत्र, बरहट (जमुई)। जिस माटी के लाल ने कभी पूरे बिहार की तकदीर और तस्वीर बदलने का काम किया, आज उसी महापुरुष की विरासत व्यवस्था की अंधेरी गलियारों में घुट रही है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. चंद्रशेखर सिंह की 41वीं पुण्यतिथि गुरुवार को मलयपुर स्थित आंजन नदी के तट पर श्रद्धापूर्वक मनाई गई।
इस दौरान उपस्थित नेताओं और प्रबुद्धजनों ने उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस के संयोजक सह वरिष्ठ नेता डा. राजीव कुमार सिंह ने की।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में मुख्य रूप से पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र विधु शेखर सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार गौतम, प्रखंड प्रमुख रूबेन कुमार सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष भास्कर सिंह, आलोक कुमार सिंह आदि शामिल थे।
प्रतिमा न लगने और बदहाली पर फूटा गुस्सा
पुण्यतिथि समारोह के दौरान नेताओं और स्थानीय लोगों का दर्द उस समय आंसुओं और आक्रोश में बदल गया, जब उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के समाधि स्थल की बदहाली का मुद्दा उठाया।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों (सांसद, विधायक व मंत्रियों) और प्रशासन के उदासीन रवैये पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए कांग्रेस कमेटी के सदस्यों ने एक स्वर से कहा कि यह सिर्फ एक समाधि स्थल की अनदेखी नहीं है, बल्कि जमुई के गौरवमयी इतिहास और अस्मिता का अपमान है।
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जमुई को विकास के राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करने वाले महान राजनेता की यादें आज प्रशासनिक उपेक्षा की धूल फांक रही हैं। बताया कि करोड़ों की लागत से चंद्रशेखर सिंह संग्रहालय का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन आज तक वहां उनकी एक आदमकद प्रतिमा तक स्थापित नहीं की जा सकी।
यह अधूरापन शासन-प्रशासन की नीयत पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। नेताओं ने बिहार सरकार से अविलंब इस दिशा में संज्ञान लेने और समाधि स्थल का गरिमापूर्ण जीर्णोद्धार कराने की पुरजोर मांग की।
दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर जुटे लोग, याद आए विकास पुरुष
चंद्रशेखर बाबू की लोकप्रियता का आलम यह था कि इस स्मृति सभा में दलीय सीमाएं पूरी तरह टूट गईं। हर दल के कार्यकर्ता और आम नागरिक उन्हें क्षेत्र का सच्चा गौरव और विकास पुरुष बताते हुए भावुक नजर आए।
लोगों ने एक स्वर में कहा कि चंद्रशेखर बाबू ने बिहार के लिए जो किया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता, बशर्ते आज की व्यवस्था उनकी विरासत को सहेजना सीखे।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कृपा शंकर सिंह, पूर्व मुखिया गणेश शंकर सिंह, मलयपुर के पूर्व मुखिया अशोक रावत, पुष्पराज सिंह, रामानुज सिंह, आलोक कुमार सिंह, उदय शंकर झा, जोगिंदर सिंह, प्रमोद सिंह, दिवाकर सिंह, नितेश्वर आजाद, प्रवक्ता सुनील सिंह, सुनील मंडल, सुबोध मंडल, संजय राम, बिहार प्रदेश राजद के सचिव गोल्डन आंबेडकर, दिलीप रविदास एवं धन्ना बाबू, रोहित सिंह, राजकुमार सिंह सहित कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद थे।