अब बिना कंपन तेज रफ्तार में दौड़ेगी ट्रेन, पूर्व रेलवे ने ट्रैक का किया आधुनिकीकरण
पूर्व रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में ट्रैक सुरक्षा और आधुनिकीकरण में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इससे यात्रियों को सुरक्षित, तेज और कंपन-मुक्त यात्रा का अनुभव मिलेगा।

रेलवे ट्रैक का आधुनिकीकरण। फोटो जागरण
HighLights
22.655 किमी प्राथमिक रेल नवीनीकरण, 2643 रेल जोड़ों की वेल्डिंग।
फाटक बंद कर सबवे निर्माण, अवैध अतिक्रमण हटाए गए।
जर्जर पुल हटाए, नए फुट ओवरब्रिज का निर्माण किया गया।
संवाद सूत्र, सिमुलतला (जमुई)। भारतीय रेल यात्रियों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। पूर्व रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में ट्रैक सुरक्षा और आधुनिकीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान से रेल दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं कंपन-मुक्त यात्रा का अनुभव मिलेगा।
आसनसोल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक संग्रह मौर्य की निगरानी में इंजीनियरिंग टीमों ने चौबीसों घंटे कार्य करते हुए रिकार्ड स्तर पर ट्रैक नवीनीकरण किया।
इस दौरान 22.655 ट्रैक किलोमीटर प्राथमिक रेल नवीनीकरण, 19.09 किलोमीटर प्राथमिक स्लीपर नवीनीकरण तथा 18.302 किलोमीटर थ्रू बैलेस्ट नवीनीकरण का कार्य पूरा किया गया।
पटरियों की गुणवत्ता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए 21 न्यू वेब स्विच, 23 थिक वेब स्विच तथा 33 मशींड स्टील विंग क्रासिंग लगाए गए। इसके अलावा 2643 रेल जोड़ों की वेल्डिंग की गई, जिससे पारंपरिक रेल जोड़ों से होने वाले झटकों में कमी आएगी।
गर्मी के दौरान पटरियों के फैलाव को रोकने के लिए 101.85 किलोमीटर डी-स्ट्रेसिंग का कार्य किया गया, जबकि 1,441.72 किलोमीटर रेल पटरियों की आधुनिक अल्ट्रासोनिक फ्ला डिटेक्शन तकनीक से जांच की गई। पूर्व रेलवे ने इस तिमाही में पिछले वर्षों की तुलना में कई क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया है।
प्राथमिक रेल नवीनीकरण 12.65 किलोमीटर से बढ़कर 22.655 किलोमीटर पहुंच गया। विंग क्रासिंग का नवीनीकरण 16 से बढ़कर 33 तथा रेल जोड़ों की वेल्डिंग 1137 से बढ़कर 2643 हो गई।
रेल प्रशासन ने ट्रैक आधुनिकीकरण के साथ जनसुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है। फाटक सं. 17 और 08 पर सबवे का निर्माण कर समपार फाटकों को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया।
बराकर में 140 अवैध अतिक्रमण हटाए गए। जामताड़ा, सीतारामपुर और मधुपुर स्टेशनों पर जर्जर फुट ओवरब्रिज हटाए गए, जबकि विद्यासागर स्टेशन पर नए फुट ओवरब्रिज के गर्डर की लांचिंग की गई।
इसके अलावा दुर्गापुर और आसनसोल में आरपीएफ महिला बैरकों का उद्घाटन किया गया तथा कुल्टी और बराकर के बीच जर्जर रोड ओवरब्रिज सं. 9ए को हटाकर सड़क यातायात को सुगम बनाया गया।
हमारा लक्ष्य सुरक्षित ट्रैक, सुगम यात्रा और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है। आधुनिक तकनीकों के उपयोग और जर्जर संरचनाओं को हटाकर रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनाया जा रहा है। - शिबराम मांझी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पूर्व रेलवे
