Health Tips for Summer: तपती गर्मी में योग बनेगा ढाल, डॉक्टर ने बताए लू से बचने के घरेलू उपाय
प्रख्यात योग विशेषज्ञ डॉ. सृष्टि ने गर्मी और लू से बचाव के लिए yoga, प्राकृतिक जीवनशैली और Home Remedies for Heatstroke के बारे में बताया। ...और पढ़ें

योग विशेषज्ञ डॉ. सृष्टि। फोटो जागरण
HighLights
गर्मी से बचाव के लिए शीतली प्राणायाम है असरदार
पेट पर मिट्टी की पट्टी रखने से आंतरिक गर्मी होती है कम
नारियल पानी और छाछ का सेवन डिहाइड्रेशन से बचाता है
संवाद सूत्र, सिमुलतला (जमुई)। बिहार में लगातार बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए प्रख्यात स्वतंत्र योग विशेषज्ञ एवं प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. सृष्टि (BNYS) ने आम जनमानस के लिए प्राकृतिक जीवनशैली, योग और घरेलू उपचारों (home remedies for heat stroke) के माध्यम से बचाव के प्रभावी उपाय साझा किए हैं।
डॉ. सृष्टि, जो सिमुलतला को एक वैश्विक वेलनेस हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्यरत हैं, बताती हैं कि केवल पानी पीना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शरीर को अंदर से ठंडा और संतुलित रखना अत्यंत आवश्यक है।
गर्मी से बचाव के लिए शीतली, शीतकारी और चंद्र अनुलोम विलोम जैसे प्राणायाम शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में अत्यंत प्रभावी हैं। ये न केवल शरीर को ठंडक देते हैं, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करते हैं, जिससे हीट स्ट्रेस कम होता है।
प्राकृतिक चिकित्सा में मिट्टी का विशेष महत्व है। पेट पर मिट्टी की पट्टी रखने से शरीर की आंतरिक गर्मी कम होती है और पाचन तंत्र को राहत मिलती है। वहीं सिर पर ठंडी मिट्टी की पट्टी या गीला कपड़ा रखने से लू के प्रभाव को तुरंत शांत किया जा सकता है।
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खान-पान का रखें ख्याल
तरल पदार्थों का सही चयन भी अत्यंत आवश्यक है। डॉ. सृष्टि सलाह देती हैं कि कैफीन और अधिक शर्करा वाले पेय पदार्थों से बचते हुए नारियल पानी, बेल का शरबत, मट्ठा (छाछ) और नींबू पानी का सेवन करें। ये प्राकृतिक पेय शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखते हैं और डिहाइड्रेशन से बचाते हैं।
इसके अलावा, मिट्टी के घड़े का पानी पीना सबसे लाभकारी माना गया है, क्योंकि यह पानी को प्राकृतिक रूप से ठंडा और क्षारीय बनाता है, जो शरीर को संतुलित रखने में मदद करता है।
जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव भी बड़ा असर डालते हैं। सूर्योदय से पहले उठकर हल्का योग और प्राणायाम करें, दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें, और भारी शारीरिक श्रम से दूरी बनाए रखें। सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनना भी शरीर को ठंडा बनाए रखने में सहायक होता है।
भोजन में खीरा, ककड़ी, तरबूज, पुदीना और हरी सब्जियों को शामिल करें, क्योंकि ये शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडक प्रदान करते हैं।
डॉ. सृष्टि के अनुसार, हमारा शरीर पंचतत्वों से बना है और गर्मी के मौसम में जल और वायु तत्व का संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। सही योग, प्राकृतिक उपचार और संतुलित आहार अपनाकर लू से न केवल बचाव किया जा सकता है, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाया जा सकता है।