यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
KK Pathak के बाद अब इस IAS अधिकारी का एक्शन ON! डॉक्टर साहब की Salary पर लगा दी रोक, कर दी थी ये गलती
IAS Rakesh Kumar जमुई के डीएम राकेश कुमार इन दिनों एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। राकेश कुमार लगातार अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे हैं। सोमवार को तो उन्ह ...और पढ़ें

HighLights
- इमरजेंसी में नहीं थे चिकित्सक, जिलाधिकारी ने वेतन रोका
- मरीज के स्वजन की शिकायत पर देर शाम सदर अस्पताल पहुंचे डीएम
- डीएम ने स्वास्थ्य व्यवस्था का लिया जायजा, इमरजेंसी ड्यूटी से गायब मिले चिकित्सक
जागरण टीम, जमुई। आईएएस केके पाठक तो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली जाने वाले हैं, लेकिन अब एक और आईएएस अधिकारी की चर्चा बिहार में होने लगी है। ये आईएएस अधिकारी जमुई जिले में डीएम हैं। इनका नाम है राकेश कुमार। इन्होंने हाल ही में अपने तेवर सख्त करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र की कार्यप्रणाली को सुधारने का बीड़ा उठाया है। सदर अस्पताल में एक डॉक्टर तक की सैलरी इन्होंने रोक दी।
दरअसल, सदर अस्पताल के इमरजेंसी से चिकित्सक के गायब रहने की लंबे समय से शिकायत मिल रही थी। जिसके बाद जिलाधिकारी राकेश कुमार ने सोमवार की देर शाम सदर अस्पताल की ओर रुख कर लिया। जैसे ही सदर अस्पताल के मुख्य द्वार से जिलाधिकारी की गाड़ी ने प्रवेश किया, तो पूरे सदर अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मियों के बीच दहशत फैल गई।
इमरजेंसी में नहीं दिखे डॉक्टर साहब
इस दौरान सदर अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम इमरजेंसी कक्ष का जायजा लिया और उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। हालांकि इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक गायब दिखे। उसके बाद जिलाधिकारी राकेश कुमार नाराज हो गए। उन्होंने सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर सैयद नौशाद अहमद को गायब चिकित्सक का वेतन रोकने का सख्त निर्देश दिया और जमकर फटकार भी लगाई।
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉक्टर कुमार महेंद्र प्रताप भी साथ थे। दरअसल, सोमवार की दोपहर बाद 2:00 बजे से ही इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ड्यूटी से गायब थे। इस दौरान कई मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उसके बाद देर शाम मरीज के किसी परिजन ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी को फोन कर दे दी। उसके बाद फौरन जिलाधिकारी सदर अस्पताल पहुंच गए और चिकित्सक ड्यूटी से गायब पाए गए।
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हालांकि, किस चिकित्साक की ड्यूटी थी इसका फिलहाल पता नहीं चल पाया है। उपस्थिति पंजी मौजूद नहीं रहने की वजह से चिकित्सक के नाम का पता नहीं लग पाया, लेकिन जिस चिकित्सक की ड्यूटी थी उस पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर सैयद नौशाद अहमद को दिया है। फिलहाल, डॉक्टर सैयद नौशाद अहमद के द्वारा ही मरीजों का इलाज किया जा रहा है।