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    जमुई में लव मैरिज पर भड़का परिवार; बेटी के पुतले का किया दाह संस्कार, परिजनों ने सिर मुंडवाकर किया 'अंतिम संस्कार'

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 11:00 AM (IST)

    जमुई में एक युवती द्वारा प्रेम विवाह करने पर उसके परिवार ने जिंदा बेटी का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों ने सिर मुंडवाकर और अर्थी निकालकर ...और पढ़ें

    जमुई में गोतिया के ही युवक संग प्रेम विवाह करने से नाराज स्वजनों ने तोड़ा रिश्ता; गांव में प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर निभाईं रस्में

    जमुई में गोतिया के ही युवक संग प्रेम विवाह करने से नाराज स्वजनों ने तोड़ा रिश्ता; गांव में प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर निभाईं रस्में

    HighLights

    1. जमुई में प्रेम विवाह पर परिवार ने किया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार।

    2. परिजनों ने सिर मुंडवाकर बेटी को समाज से मृत घोषित किया।

    3. गोतिया में शादी को लेकर परिवार का गुस्सा फूटा।

    संवाद सहयोगी, खैरा (जमुई)। बिहार के जमुई जिले में प्रेम विवाह से भड़के एक परिवार द्वारा जिंदा बेटी का सामाजिक और प्रतीकात्मक रूप से 'अंतिम संस्कार' करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खैरा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने जब अपनी पसंद के युवक से कोर्ट मैरिज कर ली, तो परिजनों ने लोक-लाज और सामाजिक दुहाई देते हुए उससे सारे रिश्ते हमेशा के लिए खत्म कर लिए।

    इतना ही नहीं, परिवार के पुरुष सदस्यों ने बाकायदा सिर मुंडवाकर युवती की प्रतीकात्मक अर्थी सजाई और उसका अंतिम संस्कार कर दिया। अब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। (हालांकि दैनिक जागरण इस वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है।)

    27 जुलाई को गायब हुई थी युवती, 2 अगस्त को थाने पहुंची

    मिली जानकारी के अनुसार, युवती कुछ दिन पहले मोहल्ले के ही अपने प्रेमी संग अचानक घर से चली गई थी। 27 जुलाई को परिजनों ने खैरा थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस और परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे।

    इसी बीच 2 अगस्त को युवती खुद खैरा थाने पहुंच गई। पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया और बयान दर्ज किया। जांच में युवती के बालिग होने की पुष्टि हुई। युवती ने पुलिस के समक्ष स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि वह अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ गई थी और उसी के साथ अपना जीवन बिताना चाहती है। इसके बाद पुलिस ने उसे अपनी राह चुनने की कानूनी अनुमति दे दी।

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    कोर्ट मैरिज की खबर मिलते ही गांव में सजा दी 'अर्थी'

    इसके अगले ही दिन यानी 3 अगस्त को प्रेमी जोड़े ने न्यायालय में कानूनी रूप से विवाह कर लिया। जैसे ही इस शादी की खबर लड़की के परिजनों तक पहुंची, 4 अगस्त को उनका गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने गांव में ही बेटी की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली और दाह-संस्कार की तमाम रस्में निभा डालीं।

    गांव के पुरुषों ने सिर मुंडवाकर अपनी जिंदा बेटी को अपने लिए 'मृत' घोषित कर दिया। ग्रामीणों की मानें तो परिवार अब सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार उसका श्राद्ध कर्म करने की भी तैयारी में है।

    गोतिया में शादी बनी परिजनों के गुस्से की वजह

    गांव के लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि युवती ने जिस युवक से शादी रचाई है, वह उनके ही 'गोतिया' (खानदान) का है। ग्रामीण परंपराओं में इसे स्वीकार्य नहीं माना जाता, इसी वजह से परिजनों ने इस रिश्ते को समाज में स्वीकार करने के बजाय बेटी को ही अपने जीवन से बेदखल कर दिया।

    वहीं, खैरा थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि लड़की को बरामद करने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे उसकी इच्छा के अनुसार भेज दिया गया था। इसके बाद गांव में क्या घटनाक्रम हुआ, इसकी कोई लिखित शिकायत थाने में दर्ज नहीं कराई गई है।