जमुई के अस्पताल में 'बत्ती गुल', मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ 2 प्रेग्नेंट महिलाओं का ऑपरेशन
जमुई सदर अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान बिजली गुल होने से दो गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन मोबाइल की रोशनी में करना पड़ा।

जमुई अस्पताल में बिजली गुल, मोबाइल की रोशनी में हुआ गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन
HighLights
बिजली गुल होने से जमुई अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान गंभीर बाधा आई।
दो गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन मोबाइल फ्लैशलाइट की रोशनी में हुआ।
अस्पताल में बिजली बैकअप की कमी पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
संवाद सहयोगी, जमुई। ऑपरेशन थिएटर में गंभीर मरीजों के उपचार के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पर जमुई सदर अस्पताल में सवाल खड़े हो गए हैं। बीते शुक्रवार को दो गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन चल रहा था, तभी अचानक बिजली गुल हो गई। करीब 45 मिनट तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
जनरेटर से तत्काल बैकअप नहीं मिलने पर चिकित्सकों को टॉर्च और मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट की रोशनी में ऑपरेशन करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, पूजा कुमारी और अंजनी कुमारी को प्रसव के लिए ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया था। दोनों का ऑपरेशन शुरू हो चुका था। इसी दौरान बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ऑपरेशन जैसी गंभीर स्थिति में वैकल्पिक रोशनी की व्यवस्था नहीं होने पर स्वास्थ्यकर्मियों ने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट का सहारा लिया।
इस दौरान एक नर्स द्वारा ऑपरेशन स्थल पर मोबाइल की रोशनी डाले जाने का वीडियो भी सामने आया है। चिकित्सकों ने घटना की जानकारी सिविल सर्जन और अस्पताल अधीक्षक को दी। साथ ही अस्पताल के आंतरिक ग्रुप में भी बिजली और बैकअप व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई।
चिकित्सकों का दावा है कि अस्पताल में पहले भी बिजली आपूर्ति बाधित होने की ऐसी स्थिति सामने आ चुकी है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने पूर्व में मोबाइल की रोशनी में ऑपरेशन होने के दावे से इन्कार किया है।
बिजली व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
ऑपरेशन थिएटर में बिजली गुल होने के बाद जनरेटर से तत्काल बैकअप क्यों नहीं मिला? करीब 45 मिनट तक बिजली आपूर्ति बहाल क्यों नहीं हो सकी? गंभीर मरीजों के ऑपरेशन के दौरान वैकल्पिक रोशनी की पुख्ता व्यवस्था क्यों नहीं थी? ऐसे कई सवाल घटना के बाद उठ रहे हैं।
अस्पताल के उपाधीक्षक डा. थनीष कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी अस्पताल प्रशासन को मिली है। मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही घटना के कारण और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।
