अवैध बालू खनन के खिलाफ मुख्यमंत्री कार्यालय ने लिया संज्ञान, डीएम को दिए कार्रवाई के निर्देश
जमुई के मौरा में अवैध बालू खनन से किसानों और पर्यावरण को हो रहे नुकसान के खिलाफ समाजसेवी शैलेंद्र कुमार सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने प्रभारी म ...और पढ़ें

अवैध बालू खनन के खिलाफ मुख्यमंत्री कार्यालय ने लिया संज्ञान
HighLights
मौरा में अवैध बालू खनन से किसान परेशान।
समाजसेवी शैलेश सिंह ने ज्ञापन सौंपा।
सीएमओ ने डीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए।
संवाद सूत्र, गिद्धौर(जमुई)। मौरा में बालू खनन से किसानों और आम जनजीवन पर मंडरा रहे संकट को लेकर मौरा निवासी समाज सेवी शैलेंद्र कुमार सिंह उर्फ शैलेश सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। गरीबों, वंचितों और किसानों के हक की आवाज बुलंद करने वाले शैलेश सिंह ने ग्रामीण किसानों की समस्याओं को देखते हुए जमुई जिले के प्रभारी मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन के माध्यम से शैलेश सिंह ने अवगत कराया कि मौरा बालू घाट पर हो रहे खनन से स्थानीय किसानों की कृषि योग्य भूमि और पर्यावरण को अपूरणीय क्षति हो रही है।
खनन कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोकने की माग
अपने सौंपे गए ज्ञापन में मौरा बालू घाट पर हो रहे खनन कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने, किसानों की खेती बचाने, पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित रखने की मांग की।उन्होंने बताया है कि, हमारा संघर्ष किसानों की खेती और नदियों के अस्मिता को बचाने के लिए है।
बालू के अनियंत्रित उठाव से हमारे क्षेत्र का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है। जब तक मौरा बालू घाट पर पूर्णतः रोक नहीं लगती, हमारा लोकतांत्रिक विरोध जारी रहेगा।
इस अभियान में मौरा पंचायत के सैकड़ों किसान और प्रबुद्ध ग्रामीणों ने मांगपत्र पर अपना हस्ताक्षर करके समाजसेवी शैलेश सिंह के इस पहल को अपना समर्थन देते हुए प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, डीएम को किया अग्रसारित
वहीं,किसानों द्वारा हस्ताक्षरयुक्त मांगपत्र को ईमेल माध्यम से भी मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा गया। इसपर संज्ञान लेते हुए सीएमओ कार्यालय ने मामले को जिला पदाधिकारी जमुई को आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रसारित कर दिया है। इधर, शासन स्तर से हुई इस पहल ने स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में न्याय की उम्मीद जगाई है।