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    झाझा-सीतारामपुर रेल खंड पर सफर करने वाले यात्री ध्यान दें! अगले 11 दिनों तक कई तारीखों को बंद रहेगा यह रूट

    Updated: Wed, 08 Jul 2026 02:57 PM (IST)

    झाझा-सीतारामपुर रेल खंड पर 9 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक 11 दिनों के लिए ट्रैक मरम्मत का काम होगा, जिससे दोपहर में साढ़े तीन घंटे ट्रेनों का परिचालन बाध ...और पढ़ें

    यात्री ध्यान दें! झाझा-सीतारामपुर रेल खंड पर 11 दिन रहेगा ट्रैफिक ब्लॉक

    यात्री ध्यान दें! झाझा-सीतारामपुर रेल खंड पर 11 दिन रहेगा ट्रैफिक ब्लॉक

    संवाद सूत्र, सिमुलतला (जमुई)। अगर आप आने वाले दिनों में झाझा-सीतारामपुर रेल खंड पर सफर करने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। आसनसोल मंडल के मथुरापुर स्टेशन सीमा के डाउन लाइन पर ट्रैक के कायाकल्प का काम शुरू होने जा रहा है।

    रेलवे ने लिया साढ़े तीन घंटे का ब्लॉक

    परमानेंट क्वालिटी रिपेयर स्कीम (पीक्यूआरएस) के तहत होने वाले इस हाई-टेक ट्रैक अनुरक्षण कार्य के लिए रेलवे ने कुल 11 दिनों का ट्रैफिक ब्लाक शेड्यूल किया है। यह ब्लॉक 9 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा।

    दोपहर से शाम तक थमेगी ट्रेनों की रफ्तार

    रेलवे द्वारा तय शेड्यूल के मुताबिक अलग-अलग तारीखों में दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक (साढ़े तीन घंटे) ट्रेनों का परिचालन रोका जाएगा। जुलाई और अगस्त के महीनों में कुल 11 दिन यह मेंटेनेंस कार्य सुचारू रूप से चलाया जाएगा।

    जुलाई महीने में इन तारीखों को रहेगा ब्लॉक

    तय कार्यक्रम के अनुसार जुलाई महीने की 09, 13, 16, 20, 23, 27 और 30 तारीख को रेलवे ब्लॉक रहेगा। इस दौरान इस रेल खंड से गुजरने वाली कई प्रमुख गाड़ियां री-शेड्यूल की जाएंगी या फिर उन्हें रोककर चलाया जाएगा।

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    अगस्त में भी 4 दिन प्रभावित रहेगा रेल खंड

    वहीं, अगस्त महीने की 03, 06, 10 और 13 तारीख को ट्रैक मरम्मत का काम किया जाएगा। इस साढ़े तीन घंटे के ब्लॉक के कारण दैनिक यात्रियों की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल मेमू ट्रेनें सीधे तौर पर प्रभावित होंगी।

    बर्द्धमान–झाझा मेमू ट्रेनें रहेंगी प्रभावित

    इस दौरान 63509 बर्द्धमान–झाझा मेमू और 63510 झाझा–बर्द्धमान मेमू का परिचालन मुख्य रूप से बाधित रहेगा। यह पहला मौका नहीं है जब इन ट्रेनों के पहिए थम रहे हैं, जिससे यात्रियों की परेशानी एक बार फिर बढ़ना तय माना जा रहा है।

    स्थानीय व्यवसायियों और छात्रों को होगी फजीहत

    इससे पूर्व में भी तकनीकी कारणों से इन गाड़ियों को कई दफा रद किया गया है। इससे स्थानीय व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी है। ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए यह हैवी मेंटेनेंस अनिवार्य है।

    रेलवे प्रशासन ने जताया असुविधा के लिए खेद

    अधिकारियों के अनुसार पीक्यूआरएस कार्य से भविष्य में यात्रा अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगी। रेलवे प्रशासन ने आधिकारिक विज्ञप्ति जारी