Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कराहता रहा घायल, जमुई के अस्पताल में नहीं थे डॉक्टर; परिजनों के हंगामे के बाद आधे घंटे बाद शुरू हुआ इलाज

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 03:31 PM (GMT+05:30)

    सोनो, जमुई में एक सड़क हादसे में घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, लेकिन सुबह 9:45 बजे तक कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। ...और पढ़ें

    हंगामे के बाद आधे घंटे बाद शुरू हुआ इलाज

    हंगामे के बाद आधे घंटे बाद शुरू हुआ इलाज

    HighLights

    1. सोनो अस्पताल में घायल युवक को नहीं मिला तुरंत इलाज।

    2. ओपीडी समय में भी डॉक्टर अनुपस्थित, मरीज आधे घंटे तड़पा।

    3. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के पहुंचने पर ही शुरू हुआ उपचार।

    संवाद सूत्र, सोनो(जमुई)। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक दर्द से तड़पता रहा, लेकिन सरकारी अस्पताल में उसका इलाज करने वाला कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। मंगलवार को सोनो स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आई यह तस्वीर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर गई। 

    अस्पताल के बरामदे में घायल मरीज करीब आधे घंटे तक कराहता रहा, जबकि ओपीडी का समय शुरू हो चुका था। स्वजनों और ग्रामीणों के आक्रोश के बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशिभूषण चौधरी को फोन कर बुलाया गया। उनके पहुंचने के बाद ही घायल का उपचार शुरू हो सका। 

    ओपीडी में भी कोई चिकित्सक मौजूद नहीं

    गौरतलब हो कि एनएच-333 पर सड़क दुर्घटना में घायल तेरुखा नावाडीह निवासी उमाशंकर कुमार उर्फ मुन्ना ठाकुर और उनकी पत्नी को पुलिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची। उस समय सुबह करीब 09:45 बजे थे। अस्पताल में इमरजेंसी सेवा तो दूर, ओपीडी में भी कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। 

    घायल युवक दर्द से कराहता रहा, जबकि उसके स्वजन इलाज की गुहार लगाते रहे। इधर, इलाज के लिए पहुंचे अन्य मरीज भी चिकित्सक का इंतजार करते रहे। 

    ओपीडी सेवा सुबह आठ बजे से शुरू

    अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य कर्मी डॉक्टर के आने का इंतजार करने की बात कहते रहे। इससे मरीजों और उनके स्वजनों में नाराजगी बढ़ती गई। आखिरकार स्थानीय लोगों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशिभूषण चौधरी को मोबाइल पर पूरी स्थिति से अवगत कराया। 

    खबरें और भी

    सूचना मिलने के बाद उनके अस्पताल पहुंचने पर घायल का उपचार शुरू हो सका। गौरतलब है कि सरकारी अस्पताल में ओपीडी सेवा सुबह आठ बजे से संचालित होती है। ऐसे में करीब पौने दस बजे तक चिकित्सक का ड्यूटी पर नहीं होना अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है।

    सूचना मिलते ही पहुंचे और इलाज शुरू किया गया। - डॉ. शशिभूषण चौधरी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सोनो