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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    28 सालों से जमुई में जिंदगी बिता रही पाकिस्तानी महिला, 4 बच्चों की है मां; पति ने कहा- उसे वापस भेजना पड़ा तो...

    Updated: Mon, 28 Apr 2025 10:53 PM (GMT+05:30)

    पाकिस्तानी मूल की नर्गिस बानो पिछले 28 सालों से भारत में रह रही हैं। उनके पास लॉन्ग टर्म वीजा है और उन्होंने भारतीय नागरिकता के लिए भी आवेदन किया है। ...और पढ़ें

    नर्गिस बानो के पति मु. गाजी। फ़ोटो- जागरण
    नर्गिस बानो के पति मु. गाजी। फ़ोटो- जागरण

    HighLights

    1. पाकिस्तानी मूल की नर्गिस बानो की किस्मत अधर में
    2. चार बच्चों की मां को नागरिकता का इंतजार

    संवाद सहयोगी, जमुई। बिहार के जमुई जिले के चंद्रदीप थाना क्षेत्र अंतर्गत आढ़ा गांव की गलियों में बीते 28 वर्षों से एक महिला चुपचाप अपनी जिंदगी बिता रही है।

    नाम है नर्गिस बानो, जिनका वजूद अब पहलगाम आतंकी हमले के बाद सवालों के घेरे में आ गया है। पाकिस्तान मूल की नर्गिस बानो ने साल 1998 में मु. गाजी से निकाह किया था। गाजी सरकारी स्कूल आढ़ा में शिक्षक हैं।

    नर्गिस के माता-पिता भी भारत से ही पाकिस्तान गए थे। रिश्तों की डोर के सहारे, बचपन में ही नर्गिस भारत लौट आई।

    मां के निधन के बाद मु. गाजी की मां ने उसे अपनाया और फिर समय ने दोनों को पति-पत्नी के बंधन में बांध दिया। दोनों के चार संतानें हैं, दो बेटे, दो बेटियां। एक बेटी की शादी भी हो चुकी है।

    28 सालों से भारत में रह रहीं नर्गिस

    नर्गिस बानो पिछले 28 वर्षों से लांग टर्म वीजा (एलटिभी) पर भारत में रह रही है। भारतीय नागरिकता पाने की उम्मीद में उसने 2009 में मैनुअल आवेदन दिया था, जिसे तत्कालीन जिलाधिकारी ने भी समर्थन दिया था।

    बाद में 2016 में जब प्रक्रिया आनलाइन हुई, तो फिर से उसने आवेदन किया। आज भी वह कागजो की दुनिया में नागरिकता मिलने का इंतजार कर रही है।

    पहलगाम की दर्दनाक घटना के बाद जब पूरे देश में पाकिस्तान से जुड़े मामलों में सतर्कता बढ़ाई गई, तो नर्गिस बानो का नाम भी संदेह की आंच में आ गया।

    मु. गाजी खुद जमुई एसपी ऑफिस पहुंचे, जहां उन्हें बताया गया कि नर्गिस का वीजा और नागरिकता प्रक्रिया पूरी तरह वैध है और किसी तरह का खतरा नहीं है।

    भावुक होते हुए मु. गाजी कहते हैं, 'अगर सरकार को जरा भी आपत्ति होगी तो हम खुद अपनी पत्नी को पाकिस्तान भेज देंगे।

    उन्होंने कहा 'सरकार के खिलाफ हम कभी काम नहीं कर सकते। मगर सोचता हूं, अगर उसे वापस भेजना पड़ा तो इन चार बच्चों के आंसू कौन पोंछेगा?'

    गाजी का कहना है कि आतंकवादियों का कोई मजहब नहीं होता। पहलगाम की घटना ने दिल दहला दिया है। यह इंसानियत की हत्या है। हम भारत के कानून का सम्मान करते हैं। सरकार का जो भी आदेश होगा उसे निभाएंगे।

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    क्या बोले एसपी

    इस मामले में एसपी मदन कुमार आनंद ने बताया कि पाकिस्तान से आई महिला के पास लॉन्ग टर्म वीजा है, सरकार की तरफ से जारी निर्देश के अनुसार, लॉन्ग टर्म विजा वैध है, जिस कारण फिलहाल वह यहां रह सकती है, सरकार की तरफ से आगे जो निर्देश होगा, उसके अनुसार काम किया जाएगा।

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