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    Jamui News: सिकंदरा में पीएम आवास योजना पर सवाल, चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप

    Updated: Tue, 21 Apr 2026 01:54 PM (GMT+05:30)

    सिकंदरा नगर पंचायत में पीएम आवास योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं, लाभार्थियों के चयन में अनियमितता के आरोप हैं। ...और पढ़ें

    सिकंदरा में पीएम आवास योजना पर सवाल, चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप

    सिकंदरा में पीएम आवास योजना पर सवाल, चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप

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    संवाद सूत्र, सिकंदरा (जमुई)। सिकंदरा नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। लाभार्थियों के चयन को लेकर पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए स्थानीय स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई है। आरोप है कि योजना के वास्तविक पात्रों की अनदेखी कर अपात्र लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।

    भाकपा के अंचल सचिव गिरीश सिंह ने कहा कि चयन प्रक्रिया में व्यापक अनियमितता बरती गई है। उनके अनुसार, कई ऐसे लोगों के नाम सूची में शामिल किए गए हैं, जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं या जो आय के निर्धारित मानकों से ऊपर हैं। वहीं, जरूरतमंद परिवार योजना से वंचित रह गए हैं।

    इस मुद्दे को लेकर भाकपा नेता ने सूचना के अधिकार के तहत लाभार्थियों की सूची और चयन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। उनका कहना है कि दस्तावेज सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और यदि गड़बड़ी साबित होती है तो उच्च स्तर पर शिकायत की जाएगी।

    ज्ञात हो कि पूर्व में आवास योजना में धांधली को लेकर तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी विरुद्ध अंचल सचिव गिरीश सिंह व राजकुमार साव के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने नगर पंचायत कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया था।

    इधर, इसे लेकर स्थानीय लोगों में भी इसको लेकर असंतोष देखा जा रहा है। कई जरूरतमंद परिवारों का आरोप है कि आवेदन के बावजूद उनका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया, जबकि अपेक्षाकृत संपन्न लोगों को प्राथमिकता दी गई। नगर पंचायत प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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    हालांकि, सूत्रों की माने तो मामला तूल पकड़ने के बाद आंतरिक स्तर पर समीक्षा की तैयारी की जा रही है। यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो न सिर्फ फर्जी लाभार्थियों को सूची से हटाया जा सकता है, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई संभव है।

    ऐसे में अब सबकी नजर संभावित जांच और प्रशासनिक कदमों पर टिकी है। आरोप को लेकर जब नगर पंचायत सिकंदरा के कार्यपालक पदाधिकारी से फोन लगाकर जानकारी लेना चाहा तो वे काल रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा।