Asian Para Games 2026 : बिहार के शैलेश ने जापान में रचा इतिहास; हाई जंप T63 में गोल्ड और लंबी कूद में ब्रॉन्ज
Asian Para Games 2026: शैलेश कुमार ने जापान में 5वें एशियन पैरा गेम्स 2026 में ऊंची कूद (T63) में स्वर्ण ...और पढ़ें

Asian Para Games 2026: जापान के नागोया में 5वें एशियन पैरा गेम्स की हाई जंप T63 स्पर्धा में 1.89 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीतने के बाद तिरंगा लहराते पैरा-एथलीट शैलेश कुमार!
HighLights
शैलेश कुमार ने ऊंची कूद में स्वर्ण पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया।
लंबी कूद स्पर्धा में भी उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया।
जमुई निवासी शैलेश की सफलता पर पूरे बिहार में जश्न।
संवाद सहयोगी, जमुई। Asian Para Games 2026: जापान के नागोया में आयोजित 5वें एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत के स्टार पैरा-एथलीट और बिहार के लाल शैलेश कुमार ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय फलक पर तिरंगा लहराकर पूरे देश और राज्य को गौरवान्वित किया है।
बिहार के जमुई जिले के अलीगंज प्रखंड अंतर्गत इस्लामनगर के निवासी शैलेश कुमार ने पुरुषों की ऊंची कूद (हाई जंप टी63) स्पर्धा में 1.89 मीटर की ऐतिहासिक छलांग लगाकर स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) पर कब्जा जमाया। इसके साथ ही उन्होंने इस स्पर्धा में एक नया गेम्स रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज करा लिया।
हाई जंप स्पर्धा के फाइनल में भारतीय एथलीटों का एकतरफा जलवा रहा और भारत ने पोडियम पर क्लीन स्वीप किया। इस स्पर्धा में भारत के ही वरुण भाटी ने रजत (सिल्वर) और राहुल ने कांस्य पदक (ब्रॉन्ज) जीता।
24 घंटे में दोहरा पदक, लंबी कूद में जीता कांस्य
जापान में शैलेश का प्रदर्शन बहुआयामी रहा। हाई जंप में सोना चमकाने से ठीक एक दिन पहले उन्होंने पुरुषों की लंबी कूद (लॉन्ग जंप टी42/टी61/टी63) स्पर्धा में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। शैलेश ने 5.57 मीटर की उत्कृष्ट दूरी तय करते हुए देश के लिए कांस्य पदक हासिल किया था। एक ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हाई जंप में गोल्ड और लॉन्ग जंप में ब्रॉन्ज जीतकर उन्होंने जापान की धरती पर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।
हौसले के आगे बौनी साबित हुई दिव्यांगता, बने सीडीपीओ
जमुई के इस्लामनगर के एक बेहद साधारण परिवार में जन्मे शैलेश कुमार की यह सफलता कठोर साधना और अटूट इच्छाशक्ति की मिसाल है। जब वे महज पांच वर्ष के थे, तब पोलियो के गंभीर हमले के कारण उनका दाहिना पैर प्रभावित हो गया था। शारीरिक अक्षमता और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी।
शुरुआती दिनों में वे सामान्य बच्चों के साथ मैदान पर अभ्यास किया करते थे। खेल के साथ पढ़ाई में भी अव्वल रहे शैलेश ने गणित विषय में स्नातक की डिग्री हासिल की और अपनी मेधा के बल पर वर्तमान में वे बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
चीन से लेकर जापान तक बरकरार है शैलेश की बादशाहत
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैलेश कुमार की स्वर्णिम निरंतरता बेमिसाल रही है। इससे पूर्व वर्ष 2022 में चीन के हांगझू में संपन्न एशियन पैरा गेम्स में भी उन्होंने 1.82 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता था। वर्ष 2025 में नई दिल्ली में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 1.91 मीटर की ऐतिहासिक कूद के साथ नया एशियाई रिकॉर्ड बनाते हुए विश्व खिताब जीता।
इसके बाद इसी वर्ष मार्च में दिल्ली में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री 2026 में भी 1.84 मीटर की छलांग लगाकर सोना अपने नाम किया था। पेरिस पैरालंपिक 2024 में वे कड़े मुकाबले में चौथे स्थान पर रहे थे।
जमुई में जश्न का माहौल, डीएम ने दी बधाई
नागोया में शैलेश की इस दोहरी स्वर्णिम कामयाबी की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव इस्लामनगर समेत पूरे जमुई जिले में आतिशबाजी शुरू हो गई और लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया।
जमुई के जिलाधिकारी नवीन समेत जिले के वरीय प्रशासनिक अधिकारियों, खेल संघों और गणमान्य लोगों ने शैलेश को बधाई दी। डीएम ने कहा कि शैलेश की यह ऐतिहासिक उपलब्धि राज्य के लाखों दिव्यांगों और युवाओं को बाधाओं को पार कर देश का नाम रोशन करने की नई प्रेरणा देगी।
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