क्या खेल मंत्री श्रेयसी सिंह बनेंगी बिहार की मुख्यमंत्री? जवाब में उन्होंने वर्ष 1991 को किया याद
बिहार में नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद सियासी हलचल तेज है, जिसमें भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार और नए मुख्यमंत्री की चर्चा है। जमुई की विध ...और पढ़ें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
दिलीप कुमार शुक्ला, भागलपुर। बिहार की राजनीति में फिर से सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि बिहार में सत्ता का परिदृश्य अब जल्द बदलेगा। ऐसे में चर्चा यह भी है कि अब भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनेगी और भाजपा के ही किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इसी कड़ी में जमुई की युवा विधायक और बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह का नाम भी जोर-शोर से सामने आ रहा है।
श्रेयसी सिंह वर्ष 2020 से जमुई से विधायक हैं। 2025 में दूसरी बार चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें खेल मंत्री के रूप में जिम्मेदारी सौंपी। तेज तर्रार और प्रभावशाली नेता मानी जाने वाली श्रेयसी सिंह के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा इसीलिए हो रही है कि उन्होंने युवा नेतृत्व और समर्पण का मजबूत उदाहरण पेश किया है।
जिम्मेदारी से कभी नहीं भागी : श्रेयसी सिंह
श्रेयसी सिंह ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि “हमलोग यहां खड़े हैं, लेकिन मुख्यमंत्री कौन बनेगा इसका कोई निश्चित उत्तर नहीं है। हम सभी कार्यकर्ता हैं और भाजपा एवं एनडीए के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह निर्णय शीर्ष नेतृत्व का होता है। अगर जिम्मेदारी मुझे दी जाएगी, तो मैं उससे कभी नहीं भागूंगी। जब हाथ में बंदूक उठाई थी, तब भी नहीं भागी और आज भी नहीं भागूंगी। जिम्मेदारी आएगी तो सौ प्रतिशत अच्छा काम करके दिखाएंगे। यह जमुई की बेटी का संकल्प है।”
वर्ष 1991 को किया याद
श्रेयसी सिंह ने भावुक अंदाज में बताया कि उनका जन्म वही वर्ष है, जब जमुई जिला की स्थापना हुई, अर्थात वर्ष 1991.। उन्होंने कहा कि इसलिए उनका यह कर्तव्य और भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि अपने क्षेत्र और जमुई सहित राज्य भर के लोगों के लिए कुछ करें। यह उनका दायित्व और सामाजिक जिम्मेदारी भी है। इस दौरान उन्होंने अपने पिता स्व. दिग्विजय सिंंह को भी याद किया। यहां बता दें कि उनकी मां पुतुल कुमारी भी बांका लोकसभा से सांसद रह चुकी हैं। राजनीति को उन्हें विरासत से मिली है। दिग्विजय सिंंह तो कई बार केंद्र में मंत्री व सांसद रह चुके हैं।
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स्वामी कैलाशानंद गिरी से लिया था अशीर्वाद
पिछले दिनों बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह और उनकी माता पूर्व सांसद पुतुल देवी, सिमुलतला स्थित सेवाधाम में पहुंचीं। उन्होंने निरंजनी पीठाधीश्वर और आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी के चरणों में शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया। मंत्री ने सभी के कल्याण और भले की कामना की। स्वामी कैलाशानंद गिरी से काफी देर तक बातचीत की।
समृद्धि यात्रा में मुख्यमंत्री का योगदान
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने समृद्धि यात्रा के दौरान दो दिन पूर्व जमुई आए थे। इस अवसर पर खेल और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह ने बिहार के विकास को ‘स्वर्णिम काल’ करार दिया। उन्होंने कहा कि आज बिहार तेजी से विकसित भारत की दिशा में अग्रसर है, जिसमें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का अमूल्य योगदान है।
श्रेयसी सिंह ने कहा कि आधारभूत संरचनाओं के निर्माण, घर-घर तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने, खेल क्षेत्र को प्रोत्साहित करने और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने जैसे हर क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि बिहार को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई है।
युवा नेता के रूप में समर्पण
श्रेयसी सिंह ने कहा कि वह उस पीढ़ी से आती हैं जिसने बिहार के इस परिवर्तन को करीब से देखा है। एक बेटी के रूप में उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि राज्य में मिले सम्मान और विकास को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे और उन्होंने विकास कार्यों को लेकर उत्साह व्यक्त किया। मंत्री ने स्थानीय जनता को भरोसा दिलाया कि बिहार में खेल, सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्र में आगे भी काम लगातार जारी रहेगा।
श्रेयसी सिंह की युवा और ऊर्जावान छवि, उनके निडर नेतृत्व और समर्पण ने उन्हें बिहार की राजनीति में एक चमकता सितारा बना दिया है। उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं पर चर्चा लगातार तेज हो रही है और जनता भी उनके कार्यों और विकास की दिशा पर नजर रखे हुए है।
