आसाराम बापू प्रकरण पर महामंडलेश्वर का बड़ा बयान, कहा- जल्द हो रिहाई, सर्वोच्च न्यायालय से उम्मीद
महामंडलेश्वर स्वामी प्रकाशानंद ने चकाई में पत्रकारों से बात करते हुए आसाराम बापू की तत्काल रिहाई की मांग की है। उन्होंने जोधपुर उच्च न्यायालय के फैसले ...और पढ़ें

महामंडलेश्वर स्वामी प्रकाशानंद जी महाराज ने उठाई आसाराम बापू की रिहाई की मांग, हाईकोर्ट फैसले पर नाराजगी
HighLights
स्वामी प्रकाशानंद ने आसाराम बापू की रिहाई की मांग की।
जोधपुर हाईकोर्ट के फैसले पर जताई गंभीर नाराजगी, बताया साजिश।
सर्वोच्च न्यायालय से न्याय मिलने की उम्मीद, संत समाज में आक्रोश।
संवाद सूत्र, चकाई (जमुई)। महामंडलेश्वर स्वामी प्रकाशानंद जी महाराज ने चकाई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान संत आसाराम बापू की रिहाई की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि आसाराम बापू निर्दोष थे, निर्दोष हैं और निर्दोष रहेंगे। उन्होंने जोधपुर उच्च न्यायालय के हालिया फैसले पर नाराजगी जताते हुए इसे न्याय व्यवस्था की गंभीर खामी बताया।
निर्दोष संत को फंसाया गया : स्वामी प्रकाशानंद
स्वामी प्रकाशानंद जी महाराज ने आरोप लगाया कि आसाराम बापू ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान सहित कई राज्यों में लाखों गरीब सनातनी परिवारों की घर वापसी कराई और धर्मांतरण को रोकने का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि इसी कारण ईसाई मिशनरियों और सत्ता से जुड़े कुछ लोगों ने साजिश के तहत उन्हें फंसाया। उन्होंने दावा किया कि यह पूरा मामला सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।
हाईकोर्ट के फैसले पर जताई नाराजगी
महामंडलेश्वर ने कहा कि जोधपुर उच्च न्यायालय के फैसले से संत समाज और उनके समर्थकों को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि न्यायालय से उन्हें न्याय की उम्मीद थी, लेकिन निर्णय निराशाजनक रहा।
उन्होंने यह भी कहा कि जहां कुछ सह-आरोपितों को बरी कर दिया गया, वहीं आसाराम बापू की आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा गया, जो चिंताजनक है।
सर्वोच्च न्यायालय से उम्मीद
स्वामी प्रकाशानंद जी महाराज ने कहा कि इस फैसले ने देश की न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि न्यायालय ने भी मामले में साजिश की बात स्वीकार की है, इसके बावजूद मुख्य आरोपी को राहत नहीं मिली। उन्होंने कहा कि संत समाज इस फैसले से संतुष्ट नहीं है और इसे सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।
खबरें और भी
संत समाज में आक्रोश
महामंडलेश्वर ने कहा कि वे संविधान और न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन इस फैसले से देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के सनातनी संत और करोड़ों समर्थक आहत हुए हैं। उन्होंने कहा कि संत समाज में इस निर्णय को लेकर गहरी नाराजगी है और आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है।
सरकार से रिहाई की मांग
स्वामी प्रकाशानंद जी महाराज ने सरकार से मांग की कि मामले की परिस्थितियों और आसाराम बापू के व्यवहार को देखते हुए उन्हें अविलंब रिहा किया जाए।उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो संत समाज और समर्थक आगे की रणनीति तय करेंगे। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि सर्वोच्च न्यायालय से आसाराम बापू को न्याय अवश्य मिलेगा।
चकाई में दिए गए इस बयान के बाद एक बार फिर आसाराम बापू का मामला चर्चा में आ गया है। संत समाज की ओर से रिहाई की मांग और जोधपुर हाईकोर्ट के फैसले पर नाराजगी ने नए सिरे से बहस को जन्म दे दिया है।